
भोपाल। विधानसभा चुनाव में एट्रोसिटी एक्ट का मुद्दा ठंडा होता नहीं दिख रहा है। बावडिय़ा कलां क्षेत्र में भरत नगर के 210 घरों में से 190 के बाहर एट्रोसिटी एक्ट के कारण नोटा को वोट देने का बैनर लगाया गया है। इनमें लिखा है कि कोई भी प्रत्याशी संपर्क न करे।
भरत नगर सवर्ण समिति के संदीप शुक्ला बताते हैं कि ये कॉलोनी मध्य विधानसभा क्षेत्र में आती है। एट्रोसिटी एक्ट का किसी भी दल द्वारा विरोध नहीं किया गया, लिहाजा इस बार नोटा में वोट देने का निर्णय लिया है।
ये बैनर राजीव शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, सुभाष गुप्ता, विश्वास पाटीदार, आनंद पाटीदार, राजेश शुक्ला, राजीव शर्मा समेत अन्य घरों के सामने टंगे हैं। खास बात है कि इन बैनर्स को देखकर बीएलओ भी यहां संपर्क करने नहीं आए।
यहां से गुजरने वाले पूछते हैं कारण
घरों के सामने लगे बैनर यहां से आने-जाने वालों की उत्सुकता का विषय हैं। रहवासी उन्हें बताते हैं कि एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव का जनप्रतिनिधियों द्वारा विरोध नहीं किए जाना। इसीलिए नोटा का समर्थन करने का निर्णय लिया है। बहरहाल ये कॉलोनी शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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पहला वोट-अपराधी को शह देने वाले को वोट नहीं...
मेरा पहला वोट, पढ़े-लिखे और समाज के प्रति सजग व संवेदनशील प्रत्याशी को ही जाएगा। मैं न किसी के बहकावे में आऊंगी, न किसी लहर के प्रभाव में। मैं तय करूंगी कि हमारा विधायक कैसा हो सकता है।
दागदार छवि वाले और गुंडे-बदमाशों, अपराधियों, सटोरियों को शह देने वाले उम्मीदवारों को तो किसी भी कीमत पर वोट नहीं दूंगी। महिलाओं के लिहाज से सुरक्षा की कमी महसूस करती हूं, इसलिए ऐसे लोगों को संरक्षण देने वाले अपराध को बढ़ावा देते हैं।
इसलिए संवेदनशील व्यक्ति को ही मेरा पहला वोट जाएगा। इसके बाद रोजगार की दिशा में काम करने वाला प्रत्याशी अच्छा होगा। मेरा सुझाव है कि जो भी जनप्रतिनिधि सदन में जाए, अपने क्षेत्र तक ही सीमित न रहे। उसे जनता के मुद्दों पर आवाज उठाना होगी। सभी को ऐसे ही प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना चाहिए।
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गॉसिप- टिकट मिला तो सोशल मीडिया पर शुरू जंग
पटियों पर चर्चा थी कि इस बार हुजूर में पुराने वाले को टिकट नहीं मिलेगा, लेकिन नेताजी का नाम फाइनल होते ही हल्ला मच गया। नेताजी के दोस्तों से ज्यादा विरोधी हैं जो समर्थकों से उलझते नजर आए। ये लड़ाई सोशल मीडिया पर लड़ी गई जो शुक्रवार को रात भर चली।
समर्थकों ने तो नेताजी के खिलाफ बोलने वालों को दूसरी विधानसभा क्षेत्र में निवास करने तक की धमकी दे डाली।
इस बार भी नेताजी का टिकट खटाई में
मौजूदा चुनावी समीकरण भाजपा के एक नेताजी का खेल बिगाड़ रहा है। वो जहां से टिकट मांग रहे हैं, वहां एक कद्दावर नेता ऐन वक्त पर अपनी दावेदारी जता रहे हैं। ये सीट बुजुर्ग नेता की है, जो हटने को तैयार हैं फिर भी नेताजी की दाल नहीं गल रही। पटियों पर चर्चा है कि इस बार उनका टिकट खटाई में है। वजह बताई जा रही है, संगठन के लोगों की नाराजगी और इनका उतावलापन।