कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी की 'पत्रिका' से विशेष बातचीत...
भोपाल। प्रदेश की जनता में सरकार के खिलाफ नाराजगी है। कांग्रेस इस नाराजगी को वोट में बदलकर चुनाव जीतेगी। यह बात कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने 'पत्रिका' से विशेष बातचीत में कही।
बकौल प्रियंका मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की वापसी असंभव है। गुटबाजी पर प्रियंका का कहना है कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती, लेकिन उनमें समन्वय रहता है।
कांग्रेस प्रभावी नजर नहीं आ रही तो उसके पास चुनाव जीतने का फॉर्मूला क्या है?
प्रियंका- प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इंकमबेंसी है। जनता का आक्रोश है। लागत मूल्य न मिलने से किसान नाराज हैं। महिलाएं असुरक्षित हैं। युवा बेरोजगार हैं। सरकार में भ्रष्टाचार है। इन मुद्दों पर लोगों की नाराजगी कांग्रेस के पक्ष में वोट में तब्दील होगी।
यदि सरकार बनती है तो कांग्रेस का सीएम कौन तय करेगा?
प्रियंका - कांग्रेस का मुख्यमंत्री वही होगा, जिसे जनता चाहेगी और जो विधायक दल की राय से बनेगा। मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की कांग्रेस में परंपरा नहीं है।
कांग्रेस के लिए गुटबाजी एक बार फिर समस्या बनती दिख रही है?
प्रियंका - पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती। सबकी अपनी-अपनी खूबी और सोच होती है। इसे गुटबाजी नहीं कह सकते। सभी नेता एक सोच के साथ भाजपा को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उम्मीदवार बिना सिफारिश के उम्मीदवार तय होंगे, जो जनता के बीच का चेहरा होंगे।
इस बार कांग्रेस 2008-2013 के चुनाव से किस तरह अलग है?
प्रियंका - पिछले दो चुनाव से इस बार के हालात अलग हैं। पहले प्रदेश सरकार अपनी विफलता का दोष केंद्र सरकार के सिर पर डाल देती थी। अब उसके पास कोई बहाना नहीं है, इसलिए जनता सब समझ गई है।
पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रदेश दौरे का चुनाव में कितना असर होगा?
प्रियंका - राहुल गांधी के प्रदेश दौरों से चुनाव की दिशा ही परिवर्तित हो गई है। राहुल की सभा और रोड शो में भारी जनता उमड़ रही है। इससे ये साबित होता है कि कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। जनता जीत के बाद घर-घर लड्डू बांटेगी।
क्या कांग्रेस दागियों को टिकट देने में परहेज करेगी?
प्रियंका - दागियों के मुद्दे पर जो बनता है वो करेंगे, हम चाहते हैं कि उम्मीदवार साफ छवि का हो और जनता में लोकप्रिय हो। ये मुद्दा तो भाजपा के लिए है जिसकी सरकार के मंत्रिमंडल में ही आधे सदस्य दागी हैं।
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