भोपाल

मंदिर के पास मृत पशु फेंकने वाला गिरफ्तार, भोपाल का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम!

Bhopal News : काली मंदिर के पास पशु का शव फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपी फूल सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप की नीयत शहर का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना थी।

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मंदिर के पास मृत पशु फेंकने वाला गिरफ्तार (Photo Source- Input)

Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की सक्रियता से एक बार फिर सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने से टल गया। शहर के तलैया थाना इलाके में ईद के दूसरे दिन और नवरात्रि के दिनों में काली मंदिर के पास सड़क पर मृत पशु का शव मिलने के मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम फूल सिंह चौधरी बताया जा रहा है। आपको याद दिला दें कि, पशु का शव मिलने के बाद तत्काल हिंदू संगठन के लोगों ने सड़क पर धरना प्रदर्शन करते हुए एक समुदाय विशेष को टारगेट करते हुए विवादित टिप्पणियां की थी। साथ ही, आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी।

अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी फूल सिंह चौधरी को गिरफ्तार करते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप की नीयत शहर का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना थी। लेकिन, तलैया पुलिस के साथ अलग-अलग इंटेलिजेंस टीमों ने इस बार भी 5 दिन की कड़ी जांच के बाद मामले का खुलासा करते हुए शहर का अमन बनाए रखने में बड़ी सफलता हासिल की है। आपको याद दिला दें कि, इससे पहले शहर के डीआईजी बंगला चौराहे पर भी प्रतिमा पर पत्थर मारने का फर्जी मामला उजागर कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की थी।

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गोवंश नहीं भैंस का बछड़ा काटकर लाया था आरोपी

अब इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि, मृत पाया गया पशु गोवंश नहीं था। आरोपी फूल सिंह चौधरी से किए खुलासे और फॉरेंसिक जांच में इसकी पुष्टि की गई है। आरोपी ने भैंस के बछड़े की खाल उतारकर बटुआ बनाने की नीयत से उसे काटा था और उसके मास के अवशेष बोरी में डालकर लाया और शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत जानबूझकर नवरात्रि के दिनों में काली मंदिर के पास सड़क पर फेंककर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है कि, उसका मकसद शहर में अशांति फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था।

हिंदू संगठनों ने किया था चक्काजाम और थाने का घेराव

आपको याद दिला दें कि, ये नसनीखेज घटना 23 मार्च 2026 की है। जब स्थानीय लोगों ने काली मंदिर रोड पर बोरी में बछड़े का कटा सिर और मास के अवशेष देखे, जिसके बाद एकाएक कई हिंदू संगठनों के नेता मौके पर इकट्ठे हो गए और मार्ग बंद कर जमकर हंगामा किया। चक्काजाम करने के साथ-साथ थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था। इससे रातभर इलाके में तनाव के हालात बने रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इसे बेहद संवेदनशीलता के साथ हिंदू संगठनों को समझाते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, तब कहीं जाकर हालात सामान्य हुए थे।

आरोपी के पास से जब्त की गई चीजें

तलैया थाना प्रभारी ने मामले का खुलासा करते हुए मीडिया को बताया कि, जांच के दौरान आरोपी फूल सिंह चौधरी ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड निकला है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल छूरी, रस्सी और बाइक जब्त कर ली है। आरोपी की नीयत साफतौर पर माहौल खराब करने की थी। पुलिस की सख्ती से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नाकाम हुई है। अब इस मामले में पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता, जानबूझकर अशांति फैलाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरोपी पर NSA लगाने की मांग

वहीं, इस मामले ने सियासत भी गरमा दी है। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, 'ये घटना भोपाल की शांतिपूर्ण गंगा-जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की बड़ी साजिश थी। इससे पहले चंद्रशेखर तिवारी जैसे लोग भी ऐसा करने की कोशिश कर चुके हैं। 'मोहसिन अली खान ने सवाल उठाया कि, कुछ दिन पहले असलम चमड़े के मामले में जब हिंदू संगठनों ने एनएसए की मांग की तो प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अब इस मामले में आरोपी फूल सिंह चौधरी है तो क्या वही संगठन और नेता एनएसए लगाने की मांग करेंगे ? उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील की कि प्रदेश में दोहरे कानून नहीं चलने चाहिए। क्योंकि, आरोपी की नीयत शहर का माहौल बिगाड़ने की थी, शांति भंग करने की थी तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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Published on:
30 Mar 2026 07:53 am
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