भोपाल

एमपी में मंत्री स्तर के 4 पदों के लिए बीजेपी में घमासान, दो शहरों के 20-20 नेता दौड़ में

Indore And Bhopal Development Authority : एक अनार सौ बीमार, इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी में कई दावेदारों से बढ़ी दिक्कत
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Updated: 13 Sep 2026, 12:33 PM IST
विकास प्राधिकरण के लिए बीजेपी में कई दावेदार
विकास प्राधिकरण के लिए बीजेपी में कई दावेदार फोटो सोर्स : AI Grok

Bhopal Development Authority : मध्यप्रदेश में बीजेपी में पदों की होड़ में खासा घमासान मचा हुआ है। राज्य के विभिन्न निगम- मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्तियां की जानी हैं जिनके लिए कई नेता बेताब हैं। प्रदेश में अब तक सत्ता और संगठन की सहमति के बाद कई निगम- मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में 34 अध्यक्ष और 14 उपाध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। अभी भी कई वरिष्ठ नेताओं का संतुष्ट करना शेष है। विशेषकर राजधानी भोपाल और व्यवसायिक राजधानी इंदौर के बीजेपी नेताओं को नवाजने की तैयारी चल रही है पर इसमें उनकी महत्वाकांक्षाएं ही आड़े आ रहीं हैं। भोपाल और इंदौर विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाए जाने हैं पर दावेदारों की उमड़ी भीड़ के कारण अब तक ये नियुक्तियां नहीं की जा सकी हैं। हाल ये है कि एक पद के लिए 20-20 नेता दौड़ में हैं। सीएम मोहन यादव व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी इस स्थिति पर विचार विमर्श कर चुके हैं।

मध्यप्रदेश में निगम-मंडल, प्राधिकरण व बोर्ड अध्यक्षों, उपाध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर बीजेपी में जमकर असंतोष पसर रहा है। राज्य सरकार ने बमुश्किल कुछ अध्यक्षों, उपाध्यक्षों की नियुक्ति की लेकिन अब तक उन्हें मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है। राज्य की राजनीति में ऐसा पहली बार हो रहा है जब कार्यकर्ताओं को पहले पद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और जब जिम्मेदारी मिली तो पावर ही नहीं दिया गया।

नेता, कार्यकर्ताओं में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही

नियुक्तियों में देरी और मंत्री का दर्जा दिए जाने के इंतजार के बीच भी पार्टी में खासी हलचल मची हुई है। भोपाल विकास प्राधिकरण और इंदौर विकास प्राधिकरण में अब तक नियुक्तियां नहीं की जा सकी हैं। इससे दोनों शहरों के नेता, कार्यकर्ताओं में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। बीजेपी सूत्रों के अनुसार भोपाल तथा इंदौर विकास प्राधिकरण में अब तक नियुक्ति नहीं किए जाने के पीछे कई राजनीतिक समीकरण हैं। सत्ता व संगठन के नेता एकजुट होकर भी इन्हें नहीं साध नहीं पा रहे हैं।

20-20 नाम दौड़ में

राजनीतिक दृष्टि से राजधानी भोपाल व इंदौर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। ये दोनों ही प्राधिकरण अहम हैं। यही कारण है कि प्रदेश नेतृत्व यहां अध्यक्ष, उपाध्यक्षों की नियुक्तियों में पूरी सतर्कता बरतना चाहता है। सूत्रों की माने तो अभी भी एक-एक प्राधिकरण के लिए 20-20 नाम दौड़ में है। भाजपा के पावरफुल नेता, इन प्राधिकरणों में अपनी पसंद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष नियुक्ति कराना चाहते हैं इसलिए आम सहमति नहीं बन पा रही है।

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13 Sep 2026, 12:33 PM IST
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