चारधाम यात्रा पर गए एमपी के यात्री 2 दिन से कई यात्री जाम में फंसे हुए हैं। चारधाम यात्रा में अभी तक 10 लोग जान गंवा चुके हैं।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर गए कई तीर्थ यात्री वहां रास्तों पर फंसे हुए हैं। इसमें कई मध्य प्रदेश के भी रहने वाले हैं। इस यात्रा में फंसे लोगों के परिजन का कहना है कि उनके घर वालों को रास्ते में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि ये लोग बीते दो दिनों से अलग अलग क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। ये बी जान ले कि चारधाम यात्रा पर गए तीर्थ यात्रियों में से अबतक 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
एमपी के कई तीर्थ यात्री कोई केदारनाथ में तो कोई गंगोत्री-बद्रीनाथ के रूट पर फंसा हुआ है। गंगोत्री के रास्ते पर भोपाल-टीकमगढ़ के रहने वाले कुछ यात्री 2 दिन तक फंसे रहे। वहां से तो निकल गए लेकिन केदारनाथ और तोंगनाथ के रास्ते पर जाम में फंस गए। वहीं भोपाल के एक तीर्थ यात्री ने बताया, जाम की वजह से अब गंगोत्री की भीड़ केदारनाथ-बद्रीनाथ की तरफ डायवर्ट कर दी गई है, लेकिन वहां भी दर्शन के लिए 5 से 6 घंटे का समय लग रहा है।
राजधानी भोपाल में रहने वाले एक यात्री का कहना है कि उनकी पत्नी, बेटी और पारिवारिक मित्र के साथ तोंगनाथ यात्रा पर हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार 8 मई को भोपाल से चारधाम की यात्रा पर निकला था। जहां गंगोत्री के अलावा तोंगनाथ के रास्ते पर भी 5 से 6 किलोमीटर लंबा जाम लगा है। जिसके कारण ठंड और खाने-पीने की वस्तुओं की कमी हो रही है, जिससे उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल निवासी एक अन्य यात्री जो चारधाम यात्रा पर है उन्होंने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन के यहां हजारों लोग पहुंच गए हैं। जिसके चलते जाम की स्थिति बन गई है। जाम के कारण गंगोत्री की भीड़ को अब केदारनाथ-बद्रीनाथ की तरफ डायवर्ट किया गया है, लेकिन अभी भी वहां पर अधिक भीड़ होने से दर्शन करने में 5 से 6 घंटे लग रहे हैं।
भोपाल के अलावा टीकमगढ़ के यात्री भी इस जाम में जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी हम जोशी मठ पर मौजूद हैं, जो बद्रीनाथ के रास्ते पर है। गंगोत्री न जाते हुए बद्रीनाथ की ओर बढ़ गए हैं। लेकिन अभी भी हमारे कुछ साथी गंगोत्री के रूट पर फंसे हुए हैं।
चारधाम यात्रा में इतनी भीड़ बढ़ गई है कि इसमें बीते 4 दिन में यमुनोत्री-गंगोत्री जा रहे 10 लोग रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। इनमें से केवल 5 की जान मंगलवार को गई। तीन लोगों ने गाड़ी के अंदर ही दम तोड़ दिया था। हालांकि जिन 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई, उन सभी की उम्र 50 वर्ष से ज्यादा थी। साथ ही कई लोगों को डायबिटीज के साथ-साथ ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी।