भोपाल

‘पीड़ित आदिवासी को 600 कि.मी दूर बुलाकर कैमरे के सामने पैर धोना नाटकबाजी’, शिवराज पर भड़कीं मायावती

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित आदिवासी को सीएम निवास बुलाकर उसका स्वागत किया है। इसपर बसपा प्रमुख मायावती ने नाराजगी जताई है।

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Mayawati attack on cm shivraj for sidhi urine case
'पीड़ित आदिवासी को 600 कि.मी दूर बुलाकर कैमरे के सामने पैर धोना नाटकबाजी', शिवराज पर भड़कीं मायावती

मध्य प्रदेश के सीधी जिले ( Sidhi MP ) में भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला ( Pravesh Shukla ) द्वारा एक आदिवासी युवक पर पेशाब ( Sidhi Urine Case ) करने के सनसनीखेज मामले में सामने आए वीडियो ने देशभर में बवाल मचा दिया। फिलहाल, सरकार ने आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ कठोर एक्शन ले लिया। इसके बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित आदिवासी को सीएम निवास बुलाकर उसका स्वागत किया है। इस मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस कार्य पर नाराजगी जताते हुए चुनावी साल का पॉलिटिकल स्टंट बता दिया है।


मध्य प्रदेश समेत देशभर के विपक्षी दलों ने जहां केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया तो वहीं, देशभर में लोगों ने भी इस घटना निंदनीय बताते हुए बीजेपी नेता की करतूत पर रोष जाहिर किया। अब इस मामले में प्रदेश सरकार ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मकान पर बुल्डोजर चला दिया। साथ ही, आरोपी प्रवेश शुक्ला पर रासुका की कार्रवाई भी कर दी गई है।


'ऐसा नुमाइशी कार्य क्या उचित ?'

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पेशाब कांड के पीड़ित आदिवासी को सीएम निवास पर बुलाकर उनके पांव धोकर स्वागत तो किया ही साथ ही उनके साथ भोजन भी किया है। मुख्यमंत्री द्वारा पीड़ित आदिवासी की इस आव भगत को लेकर बसपा प्रमुख मायवती ने नौकटकीबाजी बताया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'मध्यप्रदेश के सीएम द्वारा सीधी जिले के पेशाबकांड के पीड़ित आदिवासी युवक को लगभग 600 किलोमीटर दूर भोपाल बुलाकर सीएम हाऊस में कैमरा के घेरे में उसके पैर धोना सरकारी पश्चाताप कम तथा इनकी नाटकबाजी और चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है। ऐसा नुमाइशी कार्य क्या उचित ?'


मायावती ने उठाए सवाल

मायावती ने आगे ये भी कहा कि, 'मध्यप्रदेश में विधानसभा का आमचुनाव निकट है, इसलिए सरकार की ऐसी बेचैनी स्वाभाविक, किंतु पूरे राज्य में खासकर एससी, एसटी, अतिपिछड़े और मुस्लिम समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोगों का महंगाई और बेरोजगारी आदि से इनका जीवन जितना त्रस्त हुआ है, उसका हिसाब वे जरूर ही मांगेगे।'

Published on:
06 Jul 2023 04:33 pm