भोपाल

एमपी के सरकारी अस्पतालों में OPD बंद, इंटर्न डॉक्टर्स पर वाटर कैनन चलाने वालों पर कार्रवाई के आदेश

BBS Intern Doctors Protest : प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप्प हो गई हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर हुई वॉटर कैनन कार्रवाई पर पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
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MBBS Intern Doctors Protest
हमीदिया अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं (फोटो सोर्स: Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर्स का राजधानी भोपाल में प्रदर्शन मंगलवार 8 जून 2026 को दूसरे दिन भी जारी है। डॉक्टर रातभर सड़क पर बैठे रहे और मंगलवार सुबह से एक बार फिर प्रदर्शन करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। यही नहीं, जानकारी ये भी है कि, इंदौर, रतलाम समेत प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों के इंटर्न और जूनियर डॉक्टर भी इस विरोध प्रदर्शन में उतर आए हैं।

आपको बता दें कि, इंटर्न डॉक्टर मौजूदा 14,337 रुपए स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग पर अड़े हैं और सीएम निवास से महज 200 मीटर दूर शहर की मुख्य सड़कों में से एक कमला पार्क रोड को घेरे हुए हैं।

OPD बंद होने से हमीदिया अस्पताल में परेशान होते मरीज (फोटो सोर्स: Patrika)

आपको बता दें कि, इस आंदोलन के चलते प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं प्रभावित होना शुरु हो गई हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। जबकि, प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद है, जबकि अभी-अभी खबर आई है कि डॉक्टर्स ने ओटी का भी बहिष्कार कर दिया है। अस्पताल में फैली इस अव्यवस्था से बड़ी संख्या में मरीज परेशान होते नजर आ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में डॉक्टर्स के प्रतिनिधियों से बैठक हुई। उन्होंने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए मुख्यमंत्री के लौटने पर स्टाइपेंड पर फिर चर्चा की बात कही। इंटर्न डॉक्टर्स ने कहा- स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इंटर्न डॉक्टरों पर चला था वाटर कैनन

सोमवार को सीएम हाउस की ओर मार्च कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को पुलिस ने रोका था। इस दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। डॉक्टर्स ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने कहा- धक्का-मुक्की के बाद वाटर कैनन चलाया गया। CM मोहन यादव ने वाटर कैनन मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।

वॉटर कैनन मामले में जांच के आदेश

इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन चलाने के मामले की जांचे के आदेश जारी (फोटो सोर्स: Police Commissioner Office)

इंटर्न डॉक्टरों के साथ प्रदर्शन के दौरान हुए वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। सोमवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस द्वारा वॉटर कैनन चलाया गया था, जिसके चलते कुछ डॉक्टरों को चौटें भी आईं थीं। घटना के बाद डॉक्टरों की नाराजगी और बढ़ गई। उनके आंदोलन में स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ-साथ अब दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी शामिल हो गई है। फिलहाल, पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वॉटर कैनन के इस्तेमाल की परिस्थितियों की जांच शुरु कर दी गई है।

इंदौर के एमवाय अस्पताल के डॉक्टर्स ने किया प्रदर्शन

इंदौर के एमवाय अस्पताल परिसर में भी इंटर्न डॉक्टरों ने मंगलवार को भोपाल के विरोध से जुड़ते हुए रैली निकाली। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। रैली में इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए। डॉक्टरों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद भोपाल में वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। इसी के विरोध में एमवाय अस्पताल परिसर में रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया गया।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने की चर्चा

एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन के बीच मंगलवार को मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि, इंटर्न डॉक्टरों की दोनों प्रमुख मांगों जैसे- स्टाइपेंड बढ़ाने और सोमवार को प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन व लाठीचार्ज की कार्रवाई को लेकर गंभीरता से चर्चा हुई है। उन्होंने दावा किया कि, दोनों मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है और इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने भी इसपर संतोष जताया है।

जल्द सेहमति बनेगी

राजेंद्र शुक्ला के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और हर अपडेट लेते हुए व्यवस्थाएं वापस पटरी पर लाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दे रहे हैं। बातचीत को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि, इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे थे और जरूरत पड़ने पर उनसे दोबारा बातचीत होगी। इंटर्न डॉक्टरों के सड़क से हटने और यातायात व्यवस्था बहाल होने के सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि, इसी दिशा में सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि सीएम की दुबई से वापसी के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। इसपर भी सहमति बनी है।

डॉक्टरों ने बताया- कबतक जारी रहेगा आंदोलन

कमला पार्क मार्ग पर प्रदर्शन करते इंटर्न डॉक्टर (फोटो सोर्स: Patrika)

वहीं, दूसरी तरफ इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि, वे स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश मिलने और डॉक्टर्स पर वॉटर कैनन एवं लाठी चार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि, उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया गया है। इसलिए मध्य प्रदेश में भी सरकार को इस पर निर्णय लेना होगा। फिलहाल, सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच बातचीत के दौर शुरु हो गए हैं। संभव है, जल्द ही इसपर सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौटेगी।

Updated on:
08 Sept 2026 05:39 pm
Published on:
08 Sept 2026 05:39 pm