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जिम सेंटरों पर टैक्स चोरी का खुलासा, भोपाल में 5 ठिकानों पर CGST की कार्रवाई

CGST Raid Bhopal- भोपाल में 5 जिम सेंटरों पर जारी सीजीएसटी की कार्रवाई में करोड़ों रुपए की टैक्स पकड़ी गई है...।
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भोपाल

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Manish Gite

Sep 08, 2026

CGST Raid Bhopal

CGST Raid Bhopal- भोपाल के जिम-365 पर मंगलवार को भी दस्तावेजों की पड़ताल जारी थी। (फोटो-पत्रिका)

CGST Raid Bhopal- मध्यप्रदेश के भोपाल में मंगलवार को सुबह सेंट्रल जीएसटी की छापेमारी हुई है। यह छापे जिम सेंटर के विभिन्न सेंटरों पर हुई है। एक करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी मिली है। भोपाल में पांच ठिकानों पर यह छापे की कार्रवाई की जा रही है।

भोपाल में जिम 365 डिग्री नामक सेंटर पर यह छापे मारे गए हैं। मंगलवार की सुबह से हुई कार्रवाई से जिम संचालकों में हड़कंप मच गया था। भोपाल में चूना भट्टी, कोहेफिजा, बावड़िया कलां, सिंधी कॉलोनी और जेके रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर यह टीम कार्रवाई कर रही है।

पत्रिका रिपोर्टर ने बताया कि जीएसटी नियमों में सितंबर 2025 को बदलाव हुआ था, इसमें इस प्रकार की संस्थानों के लिए टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी। इसके 5 फीसदी जीएसटी देने का प्रावधान किया गया था। लेकिन जिम संचालक यह टैक्स भी जमा नहीं कर रहे थे। इससे पहले इन प्रतिष्ठानों को 18 फीसदी जीएसटी देना होता था।

यहां देखें GST से जुड़े नियम क्या कहते हैं?

टैक्स चोरी की राशि जमा करवाई जाएगी

यह कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर जी मनिगंडा स्वामी के नेतृत्व में की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद जिम संचालक से टैक्स चोरी की राशि जमा करवाई जाएगी। क्योंकि टैक्स क्रेडिट नहीं मिलने के बाद भी 5 फीसदी टैक्स जमा नहीं कर रहे थे। इस कार्रवाई में सीजीएसटी के 30 अधिकारियों की टीमें भोपाल के पांच स्थानों पर दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई सेंट्रल जीएसटी की टीम ने कल से शुरू की थी और कल जांच पूरी नहीं होने पर जिम के बाकी सेंटरों को सील कर दिया गया था। मंगलवार को एक बार फिर से यह कार्रवाई शुरू की गई थी।

SGST ने भी पकड़ी चोरी

स्टेट जीएसटी की भोपाल टीम ने भी सोमवार को सारंगपुर में बड़े किराना व्यापारी के प्रतिष्ठानों पर दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम ने जीएसटी का अनुपान से जुड़े दस्तावेज, बिल और उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की। एक स्थान पर छापा पड़ते ही बाकी के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। यहां कुछ प्रतिष्ठान ऐसे मिले, जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया गया था। कुछ दुकानों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से कम पाया गया।