
Meenakshi Natrajan in MP High Court: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन ने खुलकर अपनी बातें रखीं। हैदराबाद में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, भाजपा की अफवाहों को भले ही एक पल के लिए सच मान लिया जाए, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर के पक्षपातपूर्ण व्यवहार को सही नहीं कहा जा सकता है। कहा, तेलंगाना में किसी मौजूदा जनप्रतिनिधि का इस्तीफा कराकर या किसी दूसरे नेता का अधिकार छीनकर किसी को राज्यसभा भेजना उनकी पार्टी की कार्यशैली नहीं है।
मीनाक्षी ने कहा कि वह कानूनन निर्धारित 45 दिनों के भीतर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल करेंगी। उन्होंने कहा, भाजपा जनता को भटकाने (Meenakshi Natrajan Controversy) अफवाहें फैला रही है, लेकिन कांग्रेस एकजुट है। भाजपा के पास तीसरी सीट के लिए 10 विधायक कम होने के बाद भी तीसरा उम्मीदवार उतारना उनकी नीयत स्पष्ट करता है।
एमपी कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने साफ कहा कि उनके नामांकन में ऐसी कोई गलती नहीं थी जिसे आधार बनाकर नामांकन रद्द (Meenakshi Natrajan Nomination Cancellation) कर दिया गया। उनका कहना था कि उन पर कोई वैधानिक क्रिमिनल मामला दर्ज नहीं था। कोर्ट में की गई एक नीजि शिकायत के आधार पर भेजा गया एक लीगल नोटिस था। वहीं नामांकन फॉर्म में ऐसा कोई कॉलम या जगह नहीं थी जहां इस नोटिस के बारे में जानकारी दी जाती। उन्होंने कहा कि विवेक तन्खा जैसे वकील ने इस नामांकन पर्चे को पूरा जांचा था। उन्होंने कहा ऐसी कोई गलती नहीं की गई जिसके आधार पर राज्यसभा में उनका नामांकन रद्द किया जा सके।
यही नहीं मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natrajan Attack on BJP) ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसा खेल खेला गया कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया। मीनाक्षी का कहना था जिन तीन भाजपा नेताओं का नामांकन स्वीकार किया गया उन्हें अगले दिन 11 बजे तक का समय दिया गया। लेकिन उन्हें केवल शम 5.30 बजे तक का। उन्होंने आरोप लगाए कि या तो चुनाव आयोग भी भाजपा की साजिश में शामिल था, या फिर निर्वाचन अधिकारियों को नामांकन पत्र संबंधी जानकारियां ही नहीं थीं।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natrajan MP Congress Leader) ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस में कोई निराशा नहीं है। वे और उनकी पार्टी माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करती हैं। वहीं जल्द ही वे एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नामांकन रद्द मामले को चुनौती देंगी। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस की किसी का हक छीनने की आदत नहीं है, वे किसी और राज्य से नहीं बल्कि मध्यप्रदेश से ही राजनीति की आगे की दिशा तय करेंगी। वे मध्यप्रदेश की निवासी हैं और उनका हक है मध्य प्रदेश से चुनाव या राजनीति करियर में आगे बढ़ना।