भोपाल

किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों में उलझे केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार

आपातकाल की बरसी पर पत्रकार वार्ता करने आए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर उलझ गए।
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Updated: 27 Jun 2018, 10:31 AM IST
BJP's development journey
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भोपाल. आपातकाल की बरसी पर प्रदेश की राजधानी में पत्रकार वार्ता करने आए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर उलझ गए। वे सही—सही जवाब नहीं दे पाए। हालांकि जब उन्हें लगा कि उनसे गलती हुई तब उसका भी एक अलग तरह से जवाब दिया। अनंत ने दावा किया कि भाजपा शासित प्रदेशों में कांग्रेस शासित प्रदेशों की तुलना में कम किसानों ने आत्महत्या की है।

कर्नाटक में चार साल में 3800 किसानों ने आत्महत्या की है। मीडिया ने अनंत से मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या के बारे में पूछा तो वे मीडिया से ही सवाल करने लगे। फिर बोले- मध्यप्रदेश में 600 किसानों ने आत्महत्या की है। इसके जवाब में जब मीडिया ने बताया कि मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल में 18000 किसानों ने आत्महत्या की है तो अनंत ने कहा, प्रेस कॉन्फ्रेंस आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए नहीं होती है।

उपाध्यक्ष हुए नाराज
भाजपा जिला उपाध्यक्ष स्टेट हेंगर पर आक्रोशित नजर आए। आक्रोश की वजह भाजपा कार्यकर्ताओं स्टेट हेंगर पर जाने से रोकना था। वे अनंत कुमार का स्वागत करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो जमकर बहस भी हुई। भाजपा राकेश सिंह के आने के बाद कार्यकर्ताताओं को स्टेट हेंगर में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद मामला शांत हुआ।

इंदिरा यानी हिटलर, राहुल यानी आपातकाल
मुख्यमंत्री निवास में मीसाबंदियों सम्मान समारोह में अनंत कुमार ने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के एक ट्विटर पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी मतलब हिटलर, राहुल गांधी मतलब आपातकाल और मोदी-शिवराज का अर्थ है लोकतंत्र। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों को भी लोकतंत्र सेनानियों के लिए कानून पारित करना चाहिए। समारोह में सीएम शिवराज ने कहा कि आपातकाल में जेल में इतने डंडे पड़े थे कि जब आसमान में बिजली कड़कती है तो शरीर में दर्द होता है। कार्यक्रम में पांच महिला मीसाबंदियों का भी सम्मान हुआ।

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