
MP UCC Bill Passed
MP UCC Bill Passed- मध्यप्रदेश में मंगलवार 21 जुलाई को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक विधानसभा में पारित हो गया। अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून के रूप में प्रदेश में लागू होगा। इस कानून के लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों का जीवन एक कानून के मुताबिक चलेगा। न प्रदेश में कोई तीन तलाक ले सकेगा, न हलाला कर सकेगा, न लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग कर सकेगा और न ही किसी की संपत्ति पर अधिकार जमा सकेगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूसीसी बिल के पास होने पर विधानसभा परिसर में मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हमारा राज्य उस श्रेणी में खड़ा होगा जहां एक से ज्यादा विवाह करने पर अपराध होगा। एक से ज्यादा विवाह पर बहनों को कष्ट होता है, उससे उनको मुक्ति मिलेगी। हमारी सरकार प्रदेश की आधी आबादी को बहनों को उनका हक दिलाएगी। उन्होंने कहा कि केवल विवाह नहीं, उत्तराधिकार के मामले में भी जो अधिकार पुरुष का होगा, वही महिला का होगा। इसी तरह दत्तक पुत्र से लेकर जीवन के जितने भी अधिकार हैं, वो अधिकार सब पर समान रूप से लागू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के मामले में अगर किसी ने 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन किया, या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग किया, तो उसे 5 साल के लिए जेल में डाला जाएगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मौके पर मैं कांग्रेस से प्रश्न पूछना चाहूंगा कि वह हमेशा हिंदु-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। अगर हम राम और रहीम को एक चश्मे से देखना चाहते हैं, तो दोनों में भेदभाव क्यों होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल।' कांग्रेस ने वर्षों तक भाई से भाई को लड़ाने का काम किया है। देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता की वजह से हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। मध्यप्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रेदश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी पार्टी समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ ही समान न्याय, समान अधिकार एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त करेगा।
Updated on:
22 Jul 2026 02:16 pm
Published on:
21 Jul 2026 07:08 pm
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