
मध्यप्रदेश विधानसभा में 21 जुलाई मंगलवार को यूसीसी बिल पास हो गया।
MP UCC Bill- मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास हो गया। इससे पहले सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा घमासान छिड़ गया था। अंततः विरोध के बीच यूसीसी बिल पास हो गया। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा राज्य बन जाएगा। सीएम मोहन यादव ने दावा किया है कि मध्यप्रदेश की 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने भी इस बिल का समर्थन किया है। इस बिल के पास होते ही विधानसभा में काफी देर तक 'जय श्रीराम' के जयकारे भी गूंजे।
समान नागरिक संहिता (ucc) को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करना पड़ी। हंगामे के बीच विपक्ष प्रवर समिति (सलेक्ट कमेटी) में इसे भेजने की मांग पर अड़ा रहा। गर्भगृह में उतरकर विपक्ष नारेबाजी करता रहा। लेकिन सीएम मोहन यादव (dr mohan yadav) और सत्ता पक्ष के विधायकों ने 'जय श्रीराम' के जयकारे लगाकर पलटवार किया। हंगामा के बीच सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य में अब अलग-अलग मजहबी तौल-कांटा नहीं चलेगा और प्रदेश राम से रहीम तक तथा एंथोनी से अकबर तक एक ही संविधान से चलेगा। मुख्यमंत्री का दावा है कि मध्यप्रदेश की 76 फीसदी मुस्लिम बहनों और 40 फीसदी मुस्लिम भाइयों ने भी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन किया है।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने यूसीसी बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इसमें कई विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के आर्टिकल 29 अल्पसंख्यों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का अधिकार देता है। विधायक ने तर्क दिया कि यूसीसी लाकर एक वर्ग विशेष को टारगेट किया जा रहा है। पति-पत्नी के आपसी विवाद को सिविल के बजाय क्रिमिनल में लाया जा रहा है। जब अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी से बाहर या राहत दी गई है, तो मुस्लिमों को भी वही राहत मिलना चाहिए। इतनी जल्दबाजी में क्यों है सरकार। इस बिल पर गहन अध्ययन के लिए प्रवर समिति को भेजना चाहिए।
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के आरोपों पर कहा कि प्वाइंट आफ आर्डर उठाया। विजयवर्गीय ने कहा कि यह बिल किसी बंद कमरे में तैयार नहीं हुआ है, बल्कि सरकार ने हर शहर में जाकर 10 लाखलोगों का जनमत संग्रह किया है। एक देश, एक विधान हमारा संकल्प रहा है और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस बिल को लाया गया है।
Updated on:
21 Jul 2026 04:55 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:51 pm
