
सागर/रहली. एमपी के एक मंत्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रदेश के सागर जिले के रहली विधानसभा के जमीनी विवाद मामले में मंत्री गोपाल भार्गव पर एक महिला ने ये आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि मंत्री भार्गव और उनके गुंडे बदमाश परेशान कर रहे हैं जिसके कारण मकान बेचना पड़ रहा है। इधर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
ओबीसी महासभा से जुड़ी रजनी कुशवाहा की मां क्रांति ने अपने घर के बाहर एक बैनर लगाया है। उस पर मंत्री भार्गव द्वारा डराने-धमकाने के कारण अपना मकान बेचने का उल्लेख है। कुछ दिन से महिला की बैनर के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल हो रही है। जब घटनाक्रम की जानकारी ली गई तो मामला घरेलू विवाद और अवैध कब्जे के रूप में सामने आया।
रहली पुलिस थाने में शुक्रवार को एक परिवार पहुंचा, जिसमें फरियादी रामकुमार पटेल कुशवाहा ने आवेदन थाना प्रभारी को सौंपा। आवेदन में कहा है कि क्रांति कुशवाहा बड़ी बहन हैं जो शादी के बाद यहीं रह रही है। जीवन यापन के लिए अपनी जमीन के बाजू में 2 एकड़ जमीन खरीदकर दी थी। उन्होंने तंगहाली व अन्य कारणों के चलते जब अपनी करीब 3 एकड़ जमीन बेची तो क्रांति, रजनी, लक्ष्मी कुशवाहा द्वारा खरीदार को इस भूमि पर कब्जा देने से इनकार कर झगड़ा किया जा रहा है।
खरीदार ने कब्जे के लिए दिया आवेदन
भूमि स्वामी अमन सोनी ने जमीन का कब्जा दिलाने तहसील कार्यालय और रहली थाने में आवेदन दिया है। खरीदी गई जमीन पर अपने कब्जे की मांग की है। वर्तमान में कब्जाधारी क्रांति पति कोमल कुशवाहा, रजनी कुशवाहा, लक्ष्मी कुशवाहा ने उक्त जमीन पर कब्जा कर रखा है, जबकि अमन सोनी ने यह जमीन रामकुमार से खरीदी है।
रहली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा के मुताबिक रामकुमार का अपनी बहन से जमीनी विवाद है। अमन सोनी नाम के व्यक्ति की ओर से भी जमीन पर कब्जा हासिल करने आवेदन दिया गया है। दोनों की जांच की जा रही है।
इधर मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि जो मामला सामने आया है उसमें मेरा नाम जबरन घसीटा जा रहा है। उन लोगों का घरेलू-जमीनी विवाद है, जिससे मेरा कोई लेना-देना ही नहीं है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं गोपाल भार्गव
गोपाल भार्गव मध्यप्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। वे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में हैं। गोपाल भार्गव 1984 से रहली विधानसभा से ही प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं।