
Minister Govind Singh : एमपी की राजनीति में अब सागर की मिलावटी शराब घुल गई है। दोनों दलों के नेताओं पर ऐसा नशा छाया है कि अपनों को ही निशाना बनाने में लगे हैं। सोशल मीडिया में पोस्ट में नेता एक-दूसरे पर हमलावर हैं। शराब कांड के आरोपियों के संरक्षण पर आरोप प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। उनकी नेताओं के साथ फोटो वायरल हो रहीं हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं- आरोपियों को किन नेताओं की शह है! पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सागर शराब कांड के आरोपियों के संरक्षण पर मंत्री गोविंद सिंह को घेरा तो उन्होंने भी पलटवार किया। भाई ने भी दिग्विजय पर सवाल उठाए। इधर शराब कांड पर सोशल मीडिया में चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर बीजेपी नेतृत्व भी गंभीर है। कांग्रेस प्रदेश के आबकारी आयुक्त के निलंबन की मांग कर रही है।
मिलावटी शराब कांड ने सागर के साथ ही प्रदेश की सियासत में भी उफान ला दिया है। मिलावटी शराब क्षेत्रीय और प्रादेशित राजनीति में इस तरह घुली कि अब नेता इसके नशे में अपनों पर ही निशाना साधने में जुट गए हैं।
राज्य में तीन दिनों से राजनीतिक घमासान चल रहा है जिसकी शिकायतें भाजपा प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच रही हैं। वहां से नसीहत के बाद नेता चुप होते हैं तो उनके समर्थक सोशल मीडिया पर हमले कर रहे हैं। मिलावटी शराब कांड के आरोपियों की नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद एक तरफ तो मंत्री- विधायक खुद के बचाव में सामने आ रहे हैं।
बंडा में जहरीली शराब से मौतों के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर में भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मंत्री गोविंद सिंह के नाम का जिक्र करते हुए राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया। सागर में नेताओं के बीच सोशल मीडिया वार चल पड़ा है। आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की तस्वीर वायरल कर उनकी रिश्तेदारी और संरक्षण का आरोप लगा। इस पर गोविंद सिंह को खुद सामने आकर स्पष्ट करना पड़ा कि उनका किसी आरोपी से कोई रिश्ता नहीं है। वहीं दिग्विजय के आरोप पर गोविंद और उनके भाई हीरा सिंह ने लिखा कि दिग्विजय सिंह शराब माफिया से जुड़े किस कुनबे को बचा रहे हैं।