
Tulsiram Silavat : एमपी के जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट एक झोपड़ी में पहुंचे। वहां रहनेवाली महिला से रोटी मांगी और खाकर बोले- मैंने आपका नमक खाया है। आदिवासी महिला की आधी रोटी खाने के साथ ही मंत्री तुलसी सिलावट ने अपने अंदाज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जवाब दे दिया। वे केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिलने छतरपुर पहुंचे थे। इसी दौरान मंत्री तुलसी सिलावट ने आदिवासी परिवार से रोटी मांगकर खाई। हाल ही में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के लिए राहुल गांधी ने आवाज उठाई। इसके बाद से ही प्रदेश सरकार और बीजेपी नेता, कांग्रेस पर इस मामले में भ्रम फैलाने के लगा रहे हैं।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केन- बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पुनर्वास स्थल करौंदिया का भ्रमण कर पुनर्वासित परिवारों से संवाद किया। उन्होंने निर्माणाधीन मकानों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं, प्राप्त मुआवजा एवं पुनर्वास राशि की जानकारी ली।
मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि केन बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्ति को पुनर्वास पैकेज की राशि से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। मंत्री तुलसी सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। पुनर्वासित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिलने पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट ने पुनर्वास स्थल करौंदिया में प्रभावितों से बातचीत की। उन्हें बताया कि एक भी हितग्राही को पुनर्वास पैकेज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के बीच घूमते हुए मंत्री तुलसी सिलावट ने उमा आदिवासी के परिवार के साथ बैठकर खाना खाया। वे उनके कच्चे घर में पहुंचे और बाकायदा रोटी मांगकर खाई। मंत्री तुलसी सिलावट ने बिना सब्जी के, केवल अचार के साथ आधी रोटी खाई। आदिवासी परिवार से यह भी कहा कि मैं तुम्हारी रोटी और नमक खा रहा हूं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं।
मंत्री तुलसी सिलावट ने मीडिया से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा योजना निश्चित रूप से एक बहुलाभकारी परियोजना है जिससे पेयजल और बिजली की सुविधा हमारे प्रदेश को मिलेगी। जो हमारे विस्थापित परिवार हैं उनके भी सुनियोजित पुनर्वास हेतु सरकार प्रतिबद्ध है। उन्हें आवास सहित हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।