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क्या “बेशर्म बयान” पर बच जाएंगे एमपी के मंत्री! 3 बिंदुओं से समझें विजय शाह पर कहां अटका पेंच

MP Minister Vijay Shah : कर्नल सोफिया के लिए दिए बेशर्म बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, अब अभियोजन स्वीकृति पर अटका फैसला
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भोपाल

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deepak deewan

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Updated: 1 Sep 2026, 6:40 AM IST

एमपी के मंत्री विजय शाह मामले में कोर्ट में अटका पेंच : मंत्री विजय शाह

एमपी के मंत्री विजय शाह मामले में कोर्ट में अटका पेंच : मंत्री विजय शाह फोटो सोर्स : X @barandbench

Vijay Shah : क्या ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए "बेशर्म बयान" पर एमपी के मंत्री विजय शाह बच जाएंगे! विवादित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सरकारी रुख पर एकबारगी ऐसा लग रहा है हालांकि पेंच अभी भी फंसा हुआ है। मंत्री विजय शाह के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट को राज्य सरकार ने बताया कि मामले में एसआइटी की जांच पूरी हो गई है और रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जा चुकी है। अब विजय शाह पर अभियोजन चलाने की मंजूरी का इंतजार है। इस पर अंतिम फैसला राज्यपाल लेंगे।

सीजेआइ सूर्यकांत सहित 3 वरिष्ठ न्यायाधीशों की पीठ ने की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में मामले की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट को जांच अधिकारी डीआइजी इंटेलिजेंस डी. कल्याण चक्रवर्ती ने बताया कि एसआइटी जांच पूरी कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिपोर्ट सीलबंद है।

मप्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम. नटराज ने बताया कि मंत्री विजय शाह पर अभियोजन चलाने की मंजूरी का मामला राज्यपाल के पास लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या जांच पूरी होने के बाद अब सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है। इस पर सरकार की ओर से हां में जवाब दिया गया। इससे पहले शाह के वकील ने दलील दी थी कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी, जिसे ऑनलाइन साझा किया गया था और अदालत के रिकॉर्ड में भी रखा जाएगा।

एमपी के राज्यपाल के फैसले का इंतजार

सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन पर एमपी के राज्यपाल के फैसले का इंतजार करने की बात कही। अदालत फिलहाल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप से बची। CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि मंत्री विजय शाह की जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी के सामने जानी है। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने भी स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि अभी अभियोजन पर प्रदेश के राज्यपाल को फैसला लेने दिया जाना चाहिए।

सीजेआई (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट पूछ लिया कि यदि अभियोजन की मंजूरी नहीं दी गई तब!

खास बात यह है कि सीजेआई (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट पूछ लिया कि यदि अभियोजन चलाने की मंजूरी नहीं दी गई तब! इस पर एसआईटी के वकील ने भी साफ जवाब दिया कि तब मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी जाएगी।

3 बिंदुओं पर अटका पेंच

राज्य सरकार ने कहा कि राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर ही मंत्री विजय शाह के खिलाफ चार्जशीट पेश की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर फिलहाल कोई अंतरिम या अंतिम फैसला नहीं दिया है।

विजय शाह मामले में अगली सुनवाई में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अभियोजन मंजूरी पर स्थिति स्पष्ट करने पर ही कोई फैसला हो पाएगा।