
IPS अंशुमन यादव को ADG इंटेलिजेंस का दायित्व दिया फोटो सोर्स : facebook ahircommunityy
IPS Anshuman Yadav : मध्यप्रदेश के वरिष्ठ IPS अंशुमन यादव को खुफिया विभाग में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें हाल ही में प्रदेश का ADG इंटेलिजेंस बनाया गया है। IPS अंशुमन यादव को एडीजी साइबर के रूप में अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। काम और छवि के कारण वे सीएम मोहन यादव की नजर में थे। यही कारण है कि पुलिस विभाग ने उन्हें अहम दायित्व दिए। IPS अंशुमन यादव ने शुरु से ही तेजतर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली थी। हाल ये था कि भिंड ग्वालियर इलाके के डकैत उनके नाम से ही कांपने लगे थे। IPS अंशुमन यादव, उग्रवादियों से भी लोहा ले चुके हैं। मेघालय में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने वहां पसर रहे आतंकवाद को बुरी तरह कुचल डाला था। उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए अंशुमन यादव को कई पुरुस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्हें दो बार 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' मिल चुके हैं।
अंशुमन यादव 1998 बैच के IPS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेल सेवा से की। वे प्रदेश के दस्यु प्रभावित इलाकों में तैनात किए गए। CRPF अधिकारी के रूप में IPS अंशुमन यादव शिलांग में भी रह चुके हैं। उनकी प्रशासनिक पकड़ के कई वरिष्ठ अफसर भी बहुत कायल हैं।
IPS अंशुमन यादव मूलत: यूपी के एटा के रहने वाले हैं। प्रारंभिक स्कूली शिक्षा के बाद वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) पहुंच गए। अंशुमन यादव ने यहां से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरु कर दी।
अंशुमन यादव अपने पहले प्रयास में भारतीय रेलवे सेवा के लिए चुने गए थे। दूसरे प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा में आने में कामयाब हुए। 28 दिसंबर 1998 को मध्यप्रदेश कैडर के IPS के रूप में अंशुमन यादव ने काम करना शुरु कर दिया।
मध्यप्रदेश के चंबल इलाके में बचे खुले डकैतों का सफाया करने लिए IPS अंशुमन यादव विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्हें जब ग्वालियर जोन का आईजी बनाया तो उन्होंने कई बड़े अभियान चलाकर इलाके में सक्रिय डकैतों को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके बाद चंबल, कानून व्यवस्था के लिहाज से और मजबूत बन गया।
पूर्वोत्तर में उग्रवाद को कुचलने के लिए भी IPS अंशुमन यादव की ख्याति है। केंद्र ने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुलाकर CRPF के उत्तर-पूर्व सेक्टर शिलांग, मेघालय का आईजी बनाया। वहां पसर रहे उग्रवाद पर नकेल कसने में IPS अंशुमन यादव कामयाब रहे तो केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल 2 साल और बढ़ा दिया था। वे दिल्ली में भी पदस्थ रहे जहां कर्मचारियों, अधिकारियो के हितों में कई बड़े सुधार किए।
Updated on:
01 Sept 2026 11:39 am
Published on:
31 Aug 2026 11:56 am
