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एमपी में अब भी 26% लोग टेलीकॉम सेवा से दूर, तीसरा सबसे पिछड़ा राज्य

TRAI Report : ट्राई की रिपोर्ट में खुलासा, टेली डेंसिटी में सबसे पिछड़ा राज्य है बिहार। दिल्ली में सबसे ज्यादा 368 फीसदी टेली डेंसिटी, नंबर पोर्ट के मामले में एमपी सबसे आगे है।
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TRAI Report

ट्राई की रिपोर्ट में खुलासा (फोटो सोर्स: Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश में अभी भी टेलीकॉम सेवा हर व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकी है। अभी भी राज्य में 26 फीसदी लोगों के पास ये सेवा उपलब्ध नहीं है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश टेलीकॉम सेवाओं में सबसे फिसड्डी तीन राज्यों में शामिल हैं। ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार देश में टेली डेंसिटी 94.68 प्रतिशत है। वहीं, प्रदेश में टेली डेंसिटी 74.64 फीसद है। जबकि, बिहार 64.19 सबसे पीछे और उत्तर प्रदेश 72.19 पिछड़े राज्यों में दूसरे और मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है।

ट्राई की रिपोर्ट में जुलाई 2026 तक के डेटा का इस्तेमाल किया गया है। मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ का क्षेत्र भी शामिल किया गया है। टेली डेंसिटी किसी खास इलाके में रहने वाले हर 100 लोगों पर एक्टिव टेलीफ़ोन, जिसमें लैंडलाइन और मोबाइल शामिल हैं, कनेक्शन की संख्या होती है। इसका महत्व इसलिए है, क्योंकि किसी इलाके में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और आर्थिक तरक्की को मापने के लिए टेली डेंसिटी को एक पैमाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा टेली डेंसिटी का आशय मज़बूत अर्थव्यवस्था और लोगों की ज़्यादा खऱीदने की क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। जैसे सबसे ज्यादा 368 फीसदी टेली डेंसिटी दिल्ली की है जो उसके तकनीकी और आर्थिक विकास को बताता है।

नंबर पोर्ट कराने में मप्र से सबसे ज्यादा आवेदन

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में देश में 15.98 मिलियन मोबाइल उपभोक्ताओं ने सेवाओं की पोर्टेबिलिटी के लिए आवेदन किए हैं। जोन-1 में शामिल राज्यों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 3.86 मिलियन आवेदन आए हैं। जबकि जोन-2 के राज्यों में सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में 1.52 मिलियन आवेदन दिए गए हैं। नंबर पोर्ट कराने के मामले में मध्य प्रदेश लायसेंस्ड सर्विस एरिया ने आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

एमपी में एक माह में 3.76 लाख मोबाइल उपभोक्ता बढ़े

ट्राई के अनुसार देश में जून की तुलना में जुलाई 2026 में 39 हजार 337 लैंडलाइन उपभोक्ता बढ़े हैं। जबकि मध्यप्रदेश में 1 लाख 2 हजार 620 लैंडलाइन फोन के उपभोक्ता कम हुए हैं। जून में मप्र में 2,465,793 लैंडलाइन कनेक्शन थे जो जुलाई में 2,363,173 बचे। जबकि देश में इस एक माह में मोबाइल उपभोक्ता 55 लाख 38 हजार 296 बढे हैं। मध्यप्रदेश में एक माह में 3 लाख 76 हजार 624 मोबाइल उपभोक्ता बढ़े हैं। जून माह में मप्र में मोबाइल उपभोक्ता 86,710,560 थे जो जुलाई माह में नंबर पोर्ट कराने में मप्र बढ़कर 87,087,184 हो गए हैं।

एक माह में फिक्स वायरलेस 5-जी कनेक्शन 21 हजार बढ़े

मध्यप्रदेश में फिक्स वायरलेस 5-जी कनेक्शन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जून की तुलना में जुलाई माह में इनमें 21616 का इजाफा दर्ज किया गया है। जून 2026 में मप्र में इनकी संख्या 811,869 थी जो जुलाई में बढ़कर 833,485 हो गई है। प्रदेश में फिक्स वायरलेस 5-जी कनेक्शन सिर्फ रिलायंस जियो और भारती एयरटेल द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विभिन्न राज्यों में टेली डेंसिटी क्रम

राज्य/क्षेत्र-----------टेली डेंसिटी (प्रतिशत में)
1-बिहार------------64.19
2-उत्तर प्रदेश--------72.19
3-मध्य प्रदेश---------74.64
4-असम-------------83.00
5-पश्चिम बंगाल------83.89
6-राजस्थान-----------85.21
7-ओडिशा-------------85.43
8-उत्तर-पूर्व क्षेत्र---------86.14
9-हरियाणा-----------91.49
10-गुजरात------------101.28
11-आंध्र प्रदेश-------102.94
12-जम्मू-कश्मीर------106.22
13-तमिलनाडु---------108.57
14-महाराष्ट्र---------117.94
15-पंजाब-----------118.47
16-केरल------------123.53
17-हिमाचल प्रदेश-------129.25
18-कर्नाटक--------132.49
19-दिल्ली----------368.33

भारत कुल 94.68 फीसद