2 साल की बच्ची की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
भोपाल. हबीबगंज थाना क्षेत्र के पीसी नगर में रहने वाली 24 घंटे से लापता मासूम बच्ची की लाश गुरूवार की सुबह मिली। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर पड़ोसी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार मामले में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि जल्द ही दोषी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। पुलिस आस-पास के लोगों से पुछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि बीते बुधवार की दोपहर 2 वर्षीय मासूम बच्ची लापता हुई थी। जिसके करीब 24 घंटे के बाद दानापानी रेस्टोरेंट के पास बच्ची की लाश मिली है। पुलिस शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुछताछ कर रही है।
थाना गौतम नगर क्षेत्र में हुए महिला के ब्लाइंड मर्डर एवं हबीबगंज में हुई नाबालिग बच्ची की हत्या के खुलासे के संबंध में डीआईजी शहर इरशाद वली आज दोपहर 01:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में घटना की जानकारी देंगे।
रंजिश में पड़ोसी महिला ने किया मासूम की हत्या!
मिली जानकारी के मुताबिक पीसी नगर के पास मीरा नगर की रहने वाली महिला अनुषा ने रंजिश के चलते मासूम बच्ची की हत्या की है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया है। एक ही मल्टी में दोनों का परिवार रहता है। बच्ची की मां मोहिनी और अनुषा के बीच विवाद चल रहा था। बदला लेने के लिए महिला ने मासूम हर्षिता की हत्या कर दी। मासूम का गला घोंटने के बाद थैले में भरकर शव हबीबगंज थाना क्षेत्र के सब्ज़ी मंडी के पास फेंका था।
कोलार और नेहरू नगर में ऐसे ही हुआ था मामला
बीते करीब 3 माह पहले कोलार क्षेत्र में एक नाबालिग बच्चे को पास के ही घर में जला दिया गया था। जिसमें पुलिस को 48 घंटे बाद जली लाश मिली थी। दो दिन पहले कोलार थाना क्षेत्र के बैरागढ़ चिचली गांव में घर के सामने से रहस्यमयी ढंग से गायब हुए साढ़े तीन साल के मासूम वरुण की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना को पड़ोस की एक महिला ने अकेले ही अंजाम दिया। हालांकि उसके सोलह वर्षीय नाबालिग बेटे को हत्या का पता चल गया था, लेकिन वह चुप रहा।
पुरानी घटना से नहीं ली सीख
जानकारो का कहना है कि मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अपहरण के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन नहीं लिया अब 24 घंटे के बाद लाश मिली है। आइजी-डीआइजी, एसपी-एएसपी और क्राइम ब्रांच एएसपी के साथ तकरीबन 200 पुलिसकर्मी बच्चे की तलाश में जुटे थे। मासूम के घर के ठीक सामने आरोपी महिला का घर है।
पुलिस अफसर उसके घर बैठकर दिशा-निर्देश देते रहे, लेकिन महिला के घर में छानबीन नहीं की। अगर पुलिस पिछले महीने कमला नगर में हुई 11 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या की तरह पड़ोस वाले घर की तलाशी लेती तो शायद मासूम बालक बच जाता।