Mohan Cabinet Decision : सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक के दौरान कई विकास और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर लगी। यहां जानें सबकुछ..।
Mohan Cabinet Decision : मध्य प्रदेश में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कई विकास और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े अहम फैसलों पर मुहर लगी। जहां एक ओर सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने के लिए मिडवासा परियोजना को मंजूरी मिली है तो वहीं नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की गई। इन फैसलों को प्रदेश के विकास और समावेशी नीति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को त्वरित लागू करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया हैं, जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी का कैबिनेट ने आभार प्रकट किया हैं।
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ की स्वीकृति दी गई। सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ की स्वीकृति दी गई। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ का अनुमोदन। प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ की स्वीकृति। पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ की स्वीकृति। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ स्वीकृत। 8 नए वन स्टॉप सेंटर चलाने की स्वीकृति। लोक निर्माण के तहत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
बैठक के दौरान सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को हरी झंडी दी गई। मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए आभार व्यक्त किया गया। इस कानून को तेजी से लागू करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।
सरकार ने निर्णय लिया है कि इस अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 अप्रैल को भोपाल के रवींद्र भवन में एक बड़ा आयोजन प्रस्तावित है, जिसके जरिए महिलाओं को उनके अधिकारों और अवसरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में विकास और सामाजिक संतुलन के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।