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कांग्रेस नेता को 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया, पार्टी की सख्ती से मची खलबली

MP Congress- सिंगरौली के कांग्रेस नेता भास्कर पर अनुशासनहीनता करने पर पार्टी ने दिखाई सख्ती

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MP Congress Leader Bhaskar Mishra Expelled for 6 Years

MP Congress Leader Bhaskar Mishra Expelled for 6 Years (फोटो सोर्स : पत्रिका क्रिएटिव)

MP Congress- एमपी कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के मामले में पूर्व प्रदेश प्रवक्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सिंगरौली के भास्कर मिश्रा पर ये कार्रवाई की गई है। उन्हें कांग्रेस से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया गया है। पार्टी की इस सख्ती के बाद खलबली-सी मच गई है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा पर अनुशासनहीनता करने पर ये सख्ती दिखाई गई। इससे पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कांग्रेस ने भास्कर मिश्रा से स्पष्टीकरण तलब किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया गया।

सिंगरौली शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा को कांग्रेस की सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की है।

कारण बताओ नोटिस जारी किया था

शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि अनुशासनहीनता पर भास्कर को इससे पहले पार्टी की ओर से पांच बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने तय समय सीमा के भीतर इसका कोई जवाब नहीं दिया।

जीतू पटवारी से मांगा जवाब

इधर इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के कथित अपमान का मामला राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। देशभर में चर्चा के बीच कांग्रेस की ओर से सख्त कार्रवाई न होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के रुख को बेहद आपत्तिजनक बताया। रविवार को चर्चा में भार्गव ने कहा कि दोनों पार्षदों ने राष्ट्रगीत के बाद मीडिया में बयान देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। ऐसे में अनुशासन समिति की जांच की बात किस आधार पर हो रही है, यह कांग्रेस ही स्पष्ट करे।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस कार्यालय में भी वंदे मातरम् गाया जाता है, तो जो लोग नहीं गाते, उनके खिलाफ पार्टी क्या रुख अपनाती है, इस पर पटवारी को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। महापौर ने कहा कि शनिवार को पत्रकार वार्ता में जीतू पटवारी ने चुनौती देते हुए कहा था कि कोई ईमानदार है तो हाथ उठाए, हम उसका भ्रष्टाचार सिद्ध करेंगे। इस पर भार्गव ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप है तो प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। ईमानदारी का प्रश्न उठाकर सिद्ध करने की परिपाटी कब से शुरू हुई? उन्होंने कहा कि जिन पर जनता पहले ही निर्णय दे चुकी है, उन्हें ऐसे आरोप शोभा नहीं देते। एक दिन का सदन बुलाने की मांग पर महापौर ने कहा कि परिषद जल्द ही सदन बुलाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत का अपमान करने वाले पार्षदों की पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा।