
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना इलाके में पैसा डबल करने की स्कीम बताकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ 1 करोड़ से ज्यादा ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगी का शिकार शख्स का आरोप है कि, एनजीओ चलाने वाले एक दंपती ने मेडिकल कंपनी में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उनसे ये रकम ली थी, लेकिन जब निर्धारित समय बीतने के बाद पीड़ित ने दंपती से रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने नुकसान का बहाना करके रकम लौटाने से ही इंकार कर दिया। फिलहाल, शिकायत की जांच में हुई पुष्टि के बाद शाहपुरा पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि, शहर की गुलमोहर कॉलोनी में रहने वाले आयुष बावरिया पैशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। साल 2025 में उनकी मुलाकात अमित शर्मा और उनकी पत्नी दर्शना सिंह से हुई थी। दोनों एनजीओ और मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी एक कंपनी का संचालन करते हैं। दंपती ने कंपनी निवेश दोगुना करने का लालच देकर उनके साथ ठगी की है।
ठगी का शिकार हुए आयुष ने पुलिस को बताया कि, वो खुद भी एक एनजीओ शुरू करना चाहते थे। इसी दौरान अमित और दर्शना ने उनसे संपर्क बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि, वे एनजीओ खोलने में उनकी पूरी मदद करेंगे। बातचीत के दौरान दंपति ने अपनी मेडिकल कंपनी और सरकारी टेंडर मिलने की बात भी कही। उन्होंने दावा किया कि अगर आयुष उनकी कंपनी में निवेश करेंगे तो कुछ ही महीनों में उनकी रकम दोगुनी हो जाएगी।
आरोपियों ने आयुष को ये भी बताया कि, दिल्ली में एक कंपनी सवा करोड़ रुपए में खरीदी जा रही है। अगर इस कंपनी का सौदा हो जाता है तो सात से आठ महीने के भीतर निवेशकों का पैसा दोगुना हो जाएगा। दंपति की बातों पर भरोसा कर आयुष ने अलग - अलग किस्तों में उन्हें कुल एक करोड़ से अधिक रुपए दे दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी लगातार किसी न किसी बहाने से आयुष को टालने लगे।
लंबा अरसा बीतने के बाद जब आयुष ने दंपती से निवेश की जानकारी और मुनाफे के बारे में सवाल किया तो दंपति ने नुकसान होने की बात कहकर पैसा लौटाने से ही इंकार कर दिया। इसपर आयुष को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हो गया। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत शाहपुरा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत की जांच की, जिसमें प्रथम जांच में धोखाधड़ी के आरोप सही पाए गए। फिलहाल, दंपती की तलाश की जा रही है।