मध्य-पूर्व अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन या ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है....
भोपाल। मानसून की आमद के साथ ही प्रदेश में झमाझम बारिश (weather forecast) की संभावनाएं जताई जा रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक तीन सिस्टम सक्रिय होने से 15 से 17 जून तक पूर्वी मप्र में भारी बारिश के आसार है। इसका असर पश्चिमी मप्र पर भी रहेगा। वहीं अपटतीय ट्रोणिका उत्तरी महाराष्ट्र तक बनी हुई है। वहीं मध्य-पूर्व अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन या ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। यह दो से छह किमी तक फैला है।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। इससे पूर्वी मप्र में 15,16 में और 17 जून को भारी बारिश होगी। पश्चिमी मप्र के कई हिस्सों में 16, 17 और 18 जून को बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
तीन से चार दिनों में मानसून इंदौर, उज्जैन संभाग सहित पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। सोमवार को प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश हुई। होशंगाबाद में पांच मिमी. बैतूल में दो रीवा में चार, सतना में दो. शाजापुर में एक मिमी बारिश दर्ज की गई।
अब तक बरस गया दोगुना पानी
हालत यह है कि जून के 14 दिन में ही 4.84 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी है। भोपाल जून की बारिश का कोटा 5.05 इंच है। इसमें सिर्फ 0.21 मिमी की कमी है। पिछले साल अब तक - 86 इंच बारिश ही हुई थी। शहर में यादा बारिश होने से बड़े तालाब के चल में दूसरे दिन भी 0.05 फीट इजाफा हुआ। अब यह बढ़कर 560 फीट हो गया है।