
Monsoon 2026- मध्यप्रदेश में मानसून का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ भागों में मानसून MP Monsoon ने दस्तक दे दी है। 48 घंटे में मानसून के छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को कवर करने की उम्मीद है। सब कुछ ठीक रहा तो 48 से 72 घंटे में मप्र के कुछ हिस्सों में भी मानसून की आमद हो सकता है। सामान्यत: 15 जून तक मानसून आ जाता है, लेकिन इस बार एक सप्ताह से ज्यादा देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार एमपी के दक्षिणी जिले बालाघाट और अनूपपुर से मानसून की आमद की संभावना है। यह जल्द ही पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।
हरियाणा के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ, उप्र की ओर ऊपरी हवा का चक्रवात, उत्तरी गुजरात की ओर ट्रफ के चलते नमी आ रही है। ऐसे में प्रदेश में बारिश, बौछारों का दौर चल रहा है। सोमवार शाम तक धार में पौने दो इंच बारिश हुई। भोपाल में भी दोपहर बाद शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश, बौछारों का दौर चला। शाम तक पौन इंच बारिश हुई। इसी तरह रतलाम, देवास, जबलपुर सहित अन्य जिलों के भी कुछ हिस्सों में कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई।
मौसम विशेषज्ञ शुक्ला ने बताया, मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। दक्षिणी छग में मानसून का प्रवेश हो चुका है। अगले 48 घंटे में छग को कवर करने की संभावना है। मप्र में भी अगले दो- तीन दिन में मानसून बालाघाट, अनूपपुर के रास्ते आ सकता है। अभी बादल, बारिश, बौछारों का सिलसिला जारी रहेगा।
खंडवा में सुबह करीब 10 मिनट तक तेज बारिश के बाद दोपहर में धूप खिली। शाम को मौसम बदला और 4 बजे से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से आंधी के साथ ही जोरदार बारिश हुई। कई जगह पेड़, बिजली के पोल गिर पड़े। हाटकेश्वर वार्ड स्थित शिवाजी चौक के पास पुराना पेड़ तीन कारों पर गिर गया।
बड़वानी शहर में करीब आधे घंटे झमाझम बारिश हुई। खरीफ की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनी।
छतरपुर के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महाराजगंज में खेत पर गई दो चचेरी बहनें बारिश से बचने आम के पेड़ के नीचे खड़ी थीं। आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। चचेरी बहन गंभीर घायल हो गई।
उज्जैन में आकाशीय बिजली गिरने से जिला सहकारी बैंक शाखा पानबिहार की तकनीकी व्यवस्था प्रभावित हो गई। राउटर एंटीना, यूपीएस, केबलिंग सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। भवन की दीवारों में दरारें आ गईं।