कुछ दिन पूर्व ही शिक्षक नेताओं ने दी थी धमकी...
भोपाल। अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर सोमवार को अतिथि शिक्षको के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे तुलसी नगर की पानी की टंकी पर चढ गए। जिसके चलते यहां हंगामा मच गया।
दरअसल पूर्व में उन्होंने मांगे नहीं माने जाने पर सुसाइड की धमकी दी थी। टंकी पर उनके साथ और भी कई शिक्षक मांगे पूरी न होने से नाराज होकर चढ़ गए। वहीं इस दौरान टंकी के नीचे सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए।
दुबे के टंकी चढ़ने की सूचना के साथ ही पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। जहां पहले तो नीचे खड़ी भीड़ को हटाया गया।
इसके बाद टंकी पर खड़े लोगों से नीचे उतरने के लिए कहा गया, लेकिन शिक्षक फिर भी नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। यह देख पुलिस भी टंकी पर चढ़ गई।
टंकी पर चढ़े शिक्षक...
मांगे नहीं पूरे होने पर सुसाइड के प्रयास की दे रहे धमकी देने के बाद रविवार को दोपहर करीब 1.18 बजे अतिथि शिक्षको के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे पानी की टंकी में चढ गए हैं। अतिथि शिक्षकों का नेता संघ की मांगों को लेकर तुलसी नगर की पानी की टंकी पर चढा।
नीचे जमा हुई भीड़...
मांगे पूरी नहीं होने से नाराज सुसाइड के लिए टंकी पर चढ़े अतिथि शिक्षकों के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे को देख टंकी के नीचे भीड़ जमा हो गई है। वहीं अन्य लोग भी टंकी पर चड़ने को तैयार हो गए हैं।
पहले से तैयार थी पुलिस!....
शिक्षकों के पानी की टंकी पर चढ़ने की बात सामने आते ही पुलिस तुरंत वहां पहुंच गई।टंकी के नीचे खड़े लोगों को हटाकर पुलिस ने टंकी पर चढ़े शिक्षकों से नीचे उतरने की अपील की, लेकिन शिक्षक नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि अंबेडकर मैदान से अध्यापकों को उठाने की तैयारी के तहत ही यहां पहले से ही पास में भारी पुलिस बल तैनात था।
पहले ही दी थी चेतावनी...
दरअसल अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से भोपाल में डेरा जमा रखा है। इसी के तहत संघ के अध्यक्ष शंभुचरण दुबे ने चेतावनी दी थी कि रविवार दोपहर तक यदि सरकार ने मांगों का निराकरण नहीं किया, तो सोमवार को आत्महत्या भी कर सकता हूं।
दरअसल शनिवार को आंबेडकर पार्क में अतिथि शिक्षकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला था। शनिवार यानि 24 फरवरी को अतिथि शिक्षकों ने सबसे पहले आंबेडकर मैदान में आंदोलन किया था। इस दौरान हजारों की संख्या में प्रदेश भर से अतिथि शिक्षक यहां मौजूद रहे। इस दौरान यहां बैठे शिक्षकों ने अपनी टी-शर्ट की पीठ पर भी अपनी मांगों को लिख रखा था। शनिवार को खिली धूप के चलते आंदोलन कर रहे शिक्षकों को छोड़ी बहुत परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
इसी दौरान संघ के अध्यक्ष शंभुचरण दुबे ने सोमवार को आत्मदाह का ऐलान किया था। दुबे का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानीं जाती आंदोलन चलता रहेगा। वहीं यहां आंदोलन के दौरान आए शिक्षकों का यह भी कहना था कि उनकी जायज मांग को सरकार द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है, जिससे अतिथि शिक्षकों व उनके परिवार में सरकार के प्रति असंतोष बना हुआ है।
उनका यह भी कहना था कि यदि यह सरकार हमें नियमित नहीं करती है, तो इस चुनाव में हमें सरकार के विपक्ष में मतदान करने पर मजबूर होना पड़ेगा। मांग पूरी नहीं होने पर संघ के अध्यक्ष ने सोमवार को आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में करीब 80 हजार अतिथि शिक्षक हैं। धरना स्थल पर आंगनबाड़ी व आशा-ऊर्षा कार्यकर्ता भी अपनी मांगों लेकर अतिथि शिक्षकों के साथ थीं।
पुलिस चढ़ी टंकी पर...
कई बार कहने के बावजूद जब शिक्षक नीचे नहीं उतरे तो पुलिस स्वयं पानी की टंकी पर चढ़ गई। इस दौरान एसपी साउथ भी टंकी पर पहुंचे और अतिथि शिक्षकों के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे को पानी की टंकी से नीचे उतारा।