MP Board Exam 2026 : एमपी में आज से 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरु हो गई। प्रदेशभर में करीब 7 लाख परीक्षार्थियों ने 3856 परीक्षा केंद्र पहुंचकर पहला पेपर दिया। कहीं, छात्रों में परीक्षा की टेंशन नजर आई तो कहीं बोर्ड एग्जाम की खुशी दिखी।
MP Board Exam 2026 :मध्य प्रदेश में आज से 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस साल एमपी में करीब 7 लाख परीक्षार्थी 12वीं के फाइनल एग्जाम दे रहे हैं। इसके लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र निर्धारित हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्नपत्र निकालने तक वीडियोग्राफी हुई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे के बीच रहेंगी। इसी समय के हिसाब से आज प्रदेशभर में अग्रेजी का पहला पेपर संपन्न हुआ। बात करें भोपाल की तो यहां 104 सेंटरों पर लगभग 2600 छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार परीक्षार्थी 10वीं कक्षा से हैं, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं कक्षा से बोर्ड परीक्षा में बैठे हैं। इतने बड़े पैमाने पर सफल, शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं।
बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम कर रहे हैं। हर स्क््वॉड में तीन सदस्य हैं और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करें।
नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी जरूरी है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती भी की गई है। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी को पारदर्शी और सुरक्षित रखना है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से हो रही है। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय हैं, जिसमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।