
MP Cabinet Meeting- मध्यप्रदेश के मंत्रिमंडल समूह की बैठक इसलिए भी अहम थी क्योंकि यह बैठक दिवाली से पहले हो रही थी। इसमें प्रदेशवासियों को दिवाली के मौके पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही कई अहम प्रस्तावों की सौगातें भी दी गई।
मोहन कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी। कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में यह बैठक हुई। इस बैठक में स्वदेशी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। इसमें मेक इन इंडिया पर भी जोर दिया गया। अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को प्रस्तावित की गई है। सीएम मोहन यादव ने डेस्टिनेशन कैबिनेट करने पर भी जोर दिया। पहले राजबाड़ा, भोपाल के पास जगदीशपुर में कैबिनेट हुई। इस बार गांधीसागर में प्रस्तावित है।
किसानों की समस्या नीलगाय से फसलों को नुकसान पहुंचाने की थी। इसे लेकर हमारी सरकार ने अफ्रीका से विशेषज्ञों को बुलाया। उन्होंने बोमा पद्धति से 2 हजार हिरण और नीलगाय पकड़कर विभिन्न अभयारण्यों में छोड़ा गया है। पहले यह पद्धति अफ्रीका में ही होती थी, लेकिन अब इस पद्धति का इस्तेमाल हम भी कर सकते हैं।
15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती को पूरे प्रदेश में अच्छे से मनाए जाना तय किया है। इसके लिए तीन स्थानों को तय किया है। चैतन्य कश्यप ने बताया कि आज की कैबिनेट बैठक में कई योजनाओं की निरंतरता को लेकर फैसला लिया गया। 23 हजार 228 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नए अस्पताल की स्थापना के लिए 610 करोड़ रुपए का प्रावधान के साथ निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। जल संसाधन विभाग में चार जगहों के कार्य रुके थे, उसे तेजी पूरा किया जाएगा। पन्ना, विदिशा जिले की लटेरी परियोजना और मऊगंज-सीधी-सिंगरौली में सिंचाई सुविधा के लिए योजना को निरंतरता दी जाएगी। सिंहस्थ के पहले क्षिप्रा नदी में जल पूरी तरह से भरा रहे, इसके लिए भी चर्चा हुई है।