OBC- एमपी में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर 25 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश सरकार पर की गई सख्त टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा है।
OBC- एमपी में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर 25 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश सरकार पर की गई सख्त टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और एमपी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट ने फिर से स्पष्ट किया है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण में कोई रोक नहीं है इसके बाद भी राज्य सरकार ने प्रावधान लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर सरकार से लड़ाई लड़ेगी और दबाव डालेगी। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने 6 साल से प्रताड़ित किए जा रहे ओबीसी उम्मीदवारों को नियुक्तियां देने और पिछले 6 साल का वेतन देने की भी मांग की।
नई दिल्ली में एआइसीसी हेडक्वार्टर में कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, डॉ. जयहिंद के साथ प्रेस ब्रीफिंग में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और एमपी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरा। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए प्रदेश में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग की। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर पिछड़ों के हितों को कुचलने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि 28 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का फैसला सुना चुका है। शीर्ष अदालत, इसके खिलाफ दायर सभी जनहित याचिकाएं भी खारिज कर चुकी है। तब भी बीजेपी सरकार ने इसे लागू नहीं किया। 25 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फिर से यही बात कही लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। प्रदेश में कई विभागों में रोस्टर नहीं होने से अनेक खामियां सामने आती हैं, आरक्षित सीटें ही नहीं दिखाई जातीं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार पिछड़े वर्ग को उनके हक से वंचित कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर OBC उम्मीदवारों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। जीतू पटवारी ने उन्हें जल्द से जल्द नियुक्तियां देने और पिछले 6 साल का वेतन भी देने की मांग की।
तत्काल 27 प्रतिशत आरक्षण लागू हो।
जिन छात्रों को 6 साल से प्रताड़ित किया गया, उन्हें नियुक्तियां दी जाएं।
छात्रों को सर्विस के साथ पिछले 6 साल का वेतन दिया जाए।