भोपाल

सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों का हमला, निर्दलीय बोले- सरकार की हालत नाजुक, सपा ने कहा- किसी की नहीं सुनते मंत्री

निर्दलीय विधायकों ने सरकार पर हमला बोला है।

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Sep 07, 2019

भोपाल. मध्यप्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान के कारण कांग्रेस को समर्थन दे रहे विधायक भी अब सरकार के खिलाफ हमलवार हो गए हैं। निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा ने कहा है कि सरकार की स्थिति नाजुक है। उन्होंने कहा- सरकार में कमल नाथ का दखल होना चाहिए।

बसपा का भी हमला
सरकार को समर्थन दे रहे बसपा विधायक संजीव कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने मंत्रियों से मिलया या कोई काम बताना ही छोड़ चुका हूं। मंत्री हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा जो काम होते हैं वो काम सीएम को बताना पड़ता है।

मंत्री ने भी साधा निशाना
प्रदीप जायसवाल ने कहा कुछ लोग महत्वकांक्षी हो गए हैं। सीएम और प्रदेश अध्यक्ष का पद सम्मान का पद होता है। इसी महत्वकांक्षा में विवाद हुआ है। बता दें कि प्रदीप जायसवाल निर्दलीय चुनाव जीते थे और उन्हें कमल नाथ कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है।

सपा विधायक ने भी किया सचेत
सपा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा- आप पता लगा लें, सारे विधायकों में मेरी सबसे कम सिफारिशें होंगी। कार्यकर्ता आते हैं तो सिफारिश करनी पड़ती है। मेरा गृहमंत्री पर लिफाफे का आरोप नहीं है। मैं बस यह कह रहा हूं कि मंत्री चक्कर लगवाने की जगह ये साफ बता दें कि काम नहीं हो सकता है। उन्होंने कमलनाथ सरकार के मंत्रियों पर हमला करते हुए कहा मंत्रियों के पास हमारे काम नहीं हो रहे हैं।


विधायक ने खोला मोर्चा
भिंड के गोहद से कांग्रेस विधायक रणवीर जाटव और मुरैना के अंबाह से विधायक कमलेश जाटव ने सिंधिया खेमा और दिग्विजय खेमे पर हमला बोला है। रणवीर जाटव ने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट पर तबादलों में लेन देन का आरोप लगाया है। रणवीर जाटव ने कहा- आठ महीनों में कई छोटे कर्मचारियों के ट्रांसफर का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी को भोपाल भेजने के लिए कह दिया। जब कर्मचारी भोपाल पहुंचा तो उन्होंने कर्मचारी को अपने बेटे से इंदौर में मिलने को कहा और तुलसी सिलावट का बेटा हर ट्रांसफर के लिए पैसे मांगता है।

दिग्विजय खेमे पर भी हमला
वहीं, रणवीर सिंह जाटव ने डॉ गोविंद सिंह पर भी हमला बोला है। डॉ गोविंद सिंह को दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। जाटव ने आरोप लगाते हुए कहा- डॉ गोविंद सिंह खुद अपने क्षेत्र में अवैध उत्खनन करवा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा ही होता रहा तो जल्द ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चला जाऊंगा।


प्रदेश में कैसी है सरकार की स्थिति
मध्यप्रदेश में 2018 में विधानसभा के चुनाव हुए थे। इन चुनावों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस के पास 114 और भाजपा के पास 109 विधायक हैं। बाकि निर्दलीय व अन्य हैं। इन्हीं निर्दलीय और अन्य के सहारे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है।

Published on:
07 Sept 2019 10:35 am
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