
MP CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में UCC को लेकर सीएम मोहन यादव ने समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। शनिवार 13 जून को आयोजित यह बैठक वर्चुअली संपन्न हुई। समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई जिलों UCC पर सुझाव की प्रक्रिया बेहद धीमी है। इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों को व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाने के निर्देश दिए। इस वर्चुअल मीटिंग में चर्चा के दौरान दतिया कलेक्टर और एसपी को सीएस अनुराग जैन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने जमकर फटकार लगाई है। वहीं साफ संकेत भी दिए हैं कि सरकार को ढाई साल पूरे हो गए हैं, अगले ढाई साल फिल्ड में वही अफसर नजर आएंगे जिनकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी।
दरअसल मध्य प्रदेश में UCC को लेकर सरकार गंभीर है और जल्द से जल्द इसे लागू करना चाहती है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जिलों के अफसरों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन, वरिष्ठ अधिकारी, उच्चस्तरीय समिति के पदाधिकारी प्रत्यक्ष शामिल हुए। कलेकटरों ने वर्चुअली हिस्सा लिया। इस दौरान समीक्षा की जा रही थी कि सुझावों की प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों है? उन्होंने इसे तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी सूरज कुमार वर्मा मोबाइल देखने में बिजी नजर आए।
वर्चुअल मीटिंग में शामिल दतिया कलेक्टर और एसपी मोबाइल देखते नजर आए। सीएस अनुराग जैन की नजर जब उन पर पड़ी तो, वह कलेक्टर वानखेड़े और एसपी सूरज पर भड़क गए। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि इतना क्या जरूरी है कि आप लोग लगातार मोबाइल में व्यस्त हैं। यही नहीं उन्होंने उन्हें फटकार भी लगाई और कहा कि बैठक की गंभीरता को समझिए।
सीएस के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी कहा कि मैं देख रहा हूं कि UCC पर इंदौर, जबलपुर, सीधी, गुना, डिंडौरी और खंडवा कलेक्टर बात कर रहे थे। नहीं बोलने वाले भी स्क्रीन पर दिख रहे हैं। कलेक्टर और एसपी की गैरजिम्मेदाराना हरकत पर सीएम ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि UCC को लेकर कई जिलों ने कुछ भी नहीं किया है। यही नहीं उन्होंने साफ-साफ हिदायत भी दी कि सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं और अगले ढाई साल में वही अफसर फिल्ड में दिखाई देंगे जिनकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी।
बता दें कि UCC मध्यप्रदेश में एक माह बाद अगस्त के अंत तक राज्य के करीब 8 करोड़ लोगों के लिए विवाह, संपत्ति, तलाक और लिव-इन से जुड़े कई कानून एक समान हो जाएंगे। अभी कई कानूनों में जाति-धर्म के आधार पर भिन्नता है। इससे एक जैसी प्रकृति वाले विवादों के निपटारे में अलग-अलग कानूनों में सुनवाई होती है। सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर इसे खत्म करने की तैयारी में है। यूसीसी का ड्राफ्ट बनाने के लिए पहले ही उच्च स्तरीय मुख्य समिति और अन्य उप समितियां काम कर रही हैं। ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने वाला 5वां राज्य होगा।