MP Energy Development Corporation- मप्र ऊर्जा विकास निगम ने पहली बार लाभ कमाया, सीएम को सौंपा लाभांश
MP Energy Development Corporation- देश-प्रदेश में ऐसे अनेक सरकारी संस्थान, निगम, मंडल हैं जोकि लगातार घाटे में चल रहे हैं। कई संस्थान तो ऐसे हैं जिन्होंने कभी मुनाफा नहीं कमाया, अपनी स्थापना से ही नुकसान में हैं। मध्यप्रदेश में भी एक ऐसा निगम है जोकि शुरुआत से ही कभी लाभ में नहीं रहा लेकिन पिछले 2 सालों में स्थिति बदल गई है। निगम ने पहली बार लाभ कमाया और इसका चैक भी सीएम मोहन यादव को सौंपा। मप्र ऊर्जा विकास निगम के साथ यह स्थिति बनी है। निगम के पहली बार लाभ कमाने पर सीएम ने भी हर्ष जताया है।
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के लाभ की स्थिति में आने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कुसुम योजनाओं में किसानों द्वारा ली जा रही रूचि प्रदेश को नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने में सहायक होगी।
प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि मप्र ऊर्जा विकास निगम पिछले 2 वर्षों में लाभ की स्थिति में आ गया है। वर्ष 1982 में निगम की स्थापना के बाद यह पहला अवसर है, जब निगम को लाभ हुआ है। इस प्रकार करीब 44 साल में निगम ने मुनाफा कमाया है।
मंत्री राकेश शुक्ला के मुताबिक कुसुम योजनाओं में किसानों द्वारा बड़ी संख्या में भाग लेने के परिणामस्वरूप 3 वर्षों में निगम को 41 करोड़ की आय हुई है। निगम के लाभ में शासन का अंश 20 प्रतिशत का है, जिसमें से 10 प्रतिशत अर्थात 4.39 करोड़ रुपए का चैक अभी सौंपे जा रहे हैं। शेष 10 प्रतिशत राशि कुछ समय बाद सौंपी जाएगी।
मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने 4 करोड़ 39 लाख रुपए लाभांश का चैक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीतियों के परिणामस्वरूप निगम लाभ कमाने लगा है।