
MP fourlane-expressway projects:मध्य प्रदेश में 80 हजार 126 करोड़ की लागत से 7 फोरलेन व एक्सप्रेस-वे बनेंगे। इनमें भोपाल से ग्वालियर, भोपाल से जबलपुर, कटनी से सिंगरौली, सागर से जबलपुर, भोपाल से मंदसौर और सागर से सतना के बीच बनाए जाने वाले फोरलेन, एक्सप्रेस-वे और ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना शामिल हैं। इनकी डीपीआर में तेजी लाई गई है। इनके बनने से इन शहरों के बीच दूरी कम होगी। आने-जाने में समय बचेगा। आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने बीते शुक्रवार को इन सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर आधारित एक प्रजेंटेशन एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने दिया। सीएम भी उक्त् बैठक में मौजूद थे। ये सभी बीओटी प्रोजेक्ट है, जो संबंधित क्षेत्रों के साथ-साथ समग्र मप्र के विकास के लिए अहम होंगे। गडकरी ने मप्र को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
बता दें कि, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इससे पहले एमपी को 43 हजार करोड़ की सौगात दी थी। इसमें एमपी की 2-लेन सड़कों को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। करीब 940 किमी 2-लेन सड़कों को 4-लेन में बदला जाएगा। इसके अलावा 50 जिलों की 200 किमी पुरानी हो चुकी सिंगल व डबल लेन खस्ताहाल सड़कों को सीसी रोड में बदला जाएगा। इस काम पर 4200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन दोनों कामों से प्रदेश के करीब 2 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें कई सड़कें ऐसी भी हैं, जो 25 से 30 साल से खस्ताहाल है।
असल में एनएचएआइ ने बीते 25 से 30 सालों में नए व पुराने सड़क मागर्गों का विस्तार किया है। शहरों व ग्रामीण आबादी को राहत देने के लिए बायपास बनाए हैं लेकिन मुख्य शहरों व ग्रामीण आबादी के अंदर से गुजरने वाले पुराने मार्गों का नए सिरे से निर्माण नहीं कराया, जो कि आज भी बायपास तक पहुंचने पहुंचने का का मुख्य जरिया है। जबकि ये मार्ग अभी भी एनएचएआइ के पास ही है।
प्रदेश के करीब 50 जिलों को मिला लें तो इनकी लंबाई करीब 200 किमी के आसपास है और जिन्हें बनाने में 4200 करोड़ का खर्च आ रहा है। एमपी से पहले ही केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ये बन जाए तो बड़ी राहत मिलेगी। गडकरी ने उक्त प्रस्ताव को मंजूर करने का भरोसा दिया। साथ में यह भी कहा कि इन्हें सीसी रोड बनाकर पीडब्ल्यूडी को दे देंगे। बता दें कि शहरों के अंदर व आसपास के क्षेत्रों में वर्षों पहले 2-लेन बनाए थे। ट्रैफिक के दयाव व जाम के चलते अब उन पर आरओबी बना दिए है इसके कारण इन सड़कों का विस्तार नहीं हो पाया. जो कि समय की जरुरत है।