
MP Government Fire TAX: प्रदेश में अग्निकांडों पर प्रभावी नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार सख्त कानून लाने जा रही है। प्रस्तावित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक- 2026 के तहत फायर अमले को व्यापक अधिकार दिए जाएंगे, वहीं अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।
विधेयक के मसौदे के अनुसार, आग बुझाने के दौरान यदि कोई भवन, दीवार या अन्य संरचना बचाव कार्य में बाधा बनती है तो फायर अमला उसे तोड़ सकेगा। इसके लिए संबंधित परिसर में प्रवेश करने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता भी नहीं होगी। वहीं आवासीय परिसर के मालिकों को फायर टैक्स भी देना होगा। नगरीय विकास विभाग द्वारा तैयार इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
विधेयक के अनुसार आग लगने की स्थिति में फायर अधिकारी निजी जलस्रोतों से भी नि:शुल्क पानी ले सकेंगे। जलस्रोत का मालिक इसके लिए मना नहीं कर सकेगा। इसके अलावा जलापूर्ति एजेंसियों को भी निर्धारित दबाव पर पर्याप्त पानी उपलव्ध कराने के निर्देश दिए जा सकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय निकायों को भी आग से निपटने के लिए जल उपलव्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार इसे जल्द कैबिनेट में मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेगी और उसके बाद मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बीच अग्निशमन सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है।
-अग्निशमन में बाधा डालने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करना।
-बचाव कार्यों को अंजाम देने के लिए आवश्यक होने पर किसी भी परिसर या भवन में प्रवेश करना, तोड़ना या उसे हटाना।
-किसी भी सड़क या मार्ग को बंद करना। बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की संभावना वाले व्यक्तियों के समूह को तितर-बितर करना।
- जल आपूर्ति की जिम्मेदार एजेंसी को निश्चित दबाव पर जल उपलब्ध कराने के लिए कहना।
-आग बुझाने या जीवन और संपआि की सुरक्षा या दोनों के लिए उसे जो उपाय आवश्यक प्रतीत हों, वे उपाय करना।
-जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय निकाय आग लगने की स्थिति में उपयोग के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कह सकेंगे।
-फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट या फिर टीम की सील हटाने पर 5 लाख रुपए तक
-लापरवाही पर 50,000 रुपए तक
-बचाव में बाधा पर 1,00,000 रुपए
- जल आपूर्ति उल्लंघन 15000 रुपए तक
-आग की झूठी रिपोर्ट 20,000 रुपए तक
-फायर सेफ्टी सुपरवाइजर की नियुक्ति नहीं होने पर: प्रति वर्ग मीटर की दर से राशि की गणना
- फायर अमले द्वारा उल्लंघन करने पर 3 माह की जेल या 3 माह के वेतन बराबर जुर्माना या दोनों
-फायर टैक्स की वसूली समेकित कर के तौर पर होगी। प्रति भवन 180 रुपए प्रतिवर्ष देय होगा।
-किराए के आवासीय भवन पर सम्पत्ति कर का 5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क।
-कमर्शियल उपयोग पर वार्षिक सम्पत्ति कर का 10 फीसदी वार्षिक देय।
-नर्सिंग होम, बार, अस्पताल, होटल, गोदाम, बोर्डिंग, सिनेमाघर जैसे भवनों पर सम्पत्ति कर का 20 फीसदी समेकित कर 180 रु. अतिरिक्त।
-ऐसे भवन स्वामी जिनके भवन सम्पत्ति कर की परिधि में नही आते हैं तो उन्हें समेकित कर राशि 180 रुपए में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।