मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए 'ओबीसी कल्याण आयोग समिति' ही गठित कर दी है। pानिए क्या होगा इसका काम।
भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार सूबे के ओबीसी वर्ग के कल्याण को लेकर लगातार बड़े फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए 'ओबीसी कल्याण आयोग समिति' ही गठित कर दी है। कमेटी में शिवराज कैबिनेट में ओबीसी वर्ग के 5 मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। वहीं, मंत्रियों की गठित समिति पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा का परीक्षण करेगी।
आपक बता दें कि, सरकार की ओर से गठित की गई ओबीसी कल्याण आयोग समिति पिछड़ा वर्ग के कल्याण को लेकर सरकार के सामने इनके मुद्दों को रखेगी। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा के परीक्षण के लिए शिवराज सरकार के नियुक्त किये गए 5 मंत्री इसकी गंभीरता को समझेंगे। बता दें कि, समिति द्वारा जारी मुद्दों का परीक्षण करने के लिए शिवराज के मंत्री भूपेंद्र सिंह, कमल पटेल, मोहन यादव, भरत सिंह कुशवाहा, रामखेलावन पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आपको बता दें कि, ओबीसी कल्याण आयोग की अनुशंसा का पालन प्रतिवेदन यही पांच मंत्री करेंगे और विधानसभा के पटल पर रखने से पूर्व मंत्रिमंडल समिति के समक्ष रखे जाने वाले प्रावधानों के लिए समिति का गठन किया गया है। इससे पहले शिवराज सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को ओबीसी मतदाताओं की गणना के निर्देश दिए गए थे।
OBC कल्याण की सिफारिशों पर विचार करेगी समिति
इस संबंध में 15 जनवरी तक सभी कलेक्टरों को ओबीसी मतदाताओं की सूची राज्य शासन को उपलब्ध कराने से पहले मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर फस गया था। जिसके कारण प्रदेश में पंचायत चुनाव निरस्त हो गए थे। वहीं, शिवराज सरकार द्वारा विधानसभा में संकल्प पत्र पेश किया गया था। अब 5 सदस्य टीम का गठन किया गया है। ये समिति कल्याण के सिफारिशों पर विचार करेगी, जिसके तहत ओबीसी वर्ग के अनुसार का पालन प्रतिवेदन मंत्रिमंडल समिति के सामने रखा जाएगा।
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