
भोपाल/ ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से बगावत के बाद बीते 6 दिनों से प्रदेश की राजनीति में नए मोड़ आ रहे हैं। अब बेंगलुरु में ठहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थन के 22 विधायकों ने रविवार सुबह एक नया वीडियो जारी करते हुए राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। सरकार के बागी विधायकों का कहना है कि, उन्हें सरकार से जान का खतरा है। विधायकों ने वीडियो में कहा कि, उन्होंने अपने दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है और अब वो सभी सभी भोपाल आना चाहते हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें जान का खतरा है, इसलिए उन्हें सीआरपीएफ सुरक्षा दी जाए। खुद की जान पर खतरे का कारण बताते हुए विधायकों का तर्क है कि, जब सिंधियाजी पर भोपाल में हमला हो सकता है, तो हम कहां लगते हैं।
बैठक का बाद लिया जाएगा निर्णय
वीडियों में एक के बाद एक विधायक कहते नजर आए कि, हम अपनी स्वेच्छा से यहां आए हैं। हमें किसी ने भी बंधक नहीं बनाया। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए संभावना है कि हमें विधानसभा स्पीकर से मिलने नहीं दिया जाए। विधायकों ने ये भी कहा कि, अगर परिजन द्वारा कोई शिकायत की जाए तो उसे अमान्य कर दिया जाए। सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिंधिया सर्मथन के सभी विधायकों को रिजॉर्ट से बेंगलुरू के तीन अलग-अलग होटलों में शिफ्ट किया गया है। इधर, दिल्ली में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पर एक बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद है। बैठक के बाद सिंधिया और शिवराज बेंगलुरू जा सकते हैं। फिर ये निर्णय लिया जाएगा की विधायकों को भोपाल कब लाना है।
कांग्रेस ने दिया जवाब- 'सभी विधायक दबाव में'
इधर, कांग्रेस के प्रवक्ता जफर ने वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि, उन्होंने इमरती देवी का एक वीडियो जारी किया है। इसमें फुसफुसाने की आवाज सुनी जा सकती है। कांग्रेस का आरोप है कि, सामने आने वाले सभी वीडियो विधायकों से जबरदस्ती बनवाए गए हैं।