mp government news: जमीन में हेरफेर रोकने के लिए अब एआइ का उपयोग भी किया जाएगा। जापान की तर्ज पर सेटेलाइट इमेजिंग से जमीन की नपती होगी।
mp government news: अपनी जमीन और जमीन से जुड़े मालिकाना हक और अन्य दस्तावेजों के लिए प्रशासनिक अफसरों के कार्यालयों के चक्कर बीते दिनों की बात होगी। विदेशों की तर्ज पर भोपाल मप्र में भू स्वामियों को भू-अधिकार ऋण पुस्तिका समेत अन्य दस्तावेजों को वॉट्सऐप व इसी तरह के अन्य माध्यम से देने की कवायद शुरू कर दी है।
भोपाल में सुविधा के लिए भू-अधिकार ऋण पुस्तिका को ऑनलाइन कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति अपनी भू- अधिकार ऋण पुस्तिका को नजदीकी कियोस्क सेंटर अथवा कॉमन सर्विस सेंटर या स्वयं के मोबाइल से निर्धारित शुल्क 10 रुपए देकर ले सकता है। इतना ही नहीं, खाते की खसरा, बी-1 व ऋण-पुस्तिका की प्रति भी वॉट्सऐप पर भी मिलेगी। इसे धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि राजस्व विभाग ई-तकनीक को बढ़ावा दे रहा है, ताकि आमजन को तहसील एवं पटवारी के चक्कर न लगाने पड़े। पहले लोगों को अपनी जमीन के खाते की नकल पाना कठिन काम था। अब ई-तकनीक से राहत दी जा रही है।
जमीन में हेरफेर रोकने के लिए अब एआइ का उपयोग भी किया जाएगा। जापान की तर्ज पर सेटेलाइट इमेजिंग से जमीन की नपती होगी। भोपाल समेत प्रदेश में अभी प्रशासनिक स्तर पर ऐप बनाए हैं, जिससे मौके पर जमीन को नापा जा सकता है। हालांकि इसके लिए जमीन की सीमा पर चलकर उसकी नपती करना होती है, लेकिन सेटेलाइट इमेजिंग से एआइ के माध्यम से जमीन रिकॉर्ड को जोड़ा है और ऐप में चतुर्सीमा दर्ज करते ही पता चलेगा नाप क्या है, इससे जमीन विवाद निपटेंगे।
मध्य प्रदेश में राजस्व से जुड़े मामलों को निपटाने महाअभियान चलाया जा रहा है। आगे समय पर मामले निपटें इसे लेकर लैंड रिकॉर्ड को सुधार की कवायद की जा रही है। इसमें एआइ का उपयोग कर लैंड रिकॉर्ड को सही किया जाएगा। खसरे में डिजिटल आइडी होगी, जिससे एक क्लिक पर पूरी जानकारी जाहिर होगी।