भोपाल

देश विरोधी नारे लगाने वाले को हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत, भारत मां के जयकारे के साथ तिरंगे को 21 बार देनी होगी सलामी

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो के आरोपी फैजान खान को जमानत दी तो है लेकिन एक शर्त पर। उसे केस खत्म होने तक महीने में 2 बार पुलिस स्टेशन में लगे तिरंगे के सामने खड़े होकर भारत माता की जय का नारा लगाना होगा और 21 बार झंडे को सलामी देनी होगी।

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Oct 17, 2024
MP High Court give permission to Minor for abortion at 31 weeks

MP High Court : राजधानी भोपाल में 'पाकिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद' का नारा लगाते हुए एक शख्स का वीडियो वायरल हुआ था। बजरंगदल के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर उस शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसी आरोपी को हाईकोर्ट ने एक अनोखी शर्त पर जमानत दी है। जिसे जानकर हर कोई हैरान है। शर्त के मुताबिक आरोपी महीने में दो बार भारत माता की जय का नारा लगाते हुए 21 बार राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देगा।

हाईकोर्ट की अनोखी शर्त

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो के आरोपी फैजान खान को जमानत दी तो है लेकिन एक शर्त पर। दरअसल हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने इस शर्त पर आरोपी को जमानत दी है कि उसे केस खत्म होने तक हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को मिसरोद थाने में जाकर हाजिरी लगानी होगी। साथ ही पुलिस स्टेशन में लगे तिरंगे के सामने खड़े होकर भारत माता की जय का नारा लगाना होगा और 21 बार झंडे को सलामी देनी होगी।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकलपीठ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जमानत आदेश मुकदमे के अंत तक प्रभावी रहेगा और जमानत की किसी भी शर्त के उल्लंघन या जमानत की स्थिति में यह अप्रभावी हो जाएगा।

मई में हुई थी गिरफ्तारी

आरोपी फैसल खान(Faisal Khan ) उर्फ फैजान(28) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे वह पकिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाता हुआ दिखाई दे रहा था। प्रमुख हिंदू संगठनों में शामिल बजरंगदल के कार्यकर्ताओं तक जब ये वीडियो पंहुचा तो वे फैजान के घर पहुंचे। जहां आरोपी ने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की।बजरंगदल (Bajrangdal)आरोपी को पकड़कर पुलिस स्टेशन ले गए और उसकी शिकायत की। जिसके बाद मिसरोद पुलिस ने 17 मई 2024 में फैजान को गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने के बाद आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। उसके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि झूठा फंसाया गया है। हालाँकि, उनके वकील ने स्पष्ट रूप से कहा कि कथित घटना वीडियो में, आवेदक को संबंधित नारा लगाते हुए देखा गया था। प्रार्थना की गई कि कुछ कड़ी शर्तें लगाकर उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए।

Updated on:
17 Oct 2024 02:09 pm
Published on:
17 Oct 2024 08:35 am
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