
MP Higher Education Department - मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। पढ़ाई पूरी होते ही अच्छी नौकरी मिले, इसकी कवायद की जा रही है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पहल की है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा के लिए बुधवार को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) मुंबई के साथ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। एमओयू का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना है। इसके अंतर्गत अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम (एईडीबी) लागू करने वाले संस्थानों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
प्रदेश के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग ने यह महत्वपूर्ण पहल की है। एमओयू कार्यक्रम सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के अधिकारियों द्वारा नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम पोर्टल की कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इससे विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही, अकादमिक शिक्षा को कौशल एवं उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए सक्षम और तैयार किया जाएगा।
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्त आईएएस एवं सेंटर ऑफ रिसर्च इन पॉलिसिज के संस्थापक सदस्य राधेश्याम जुलानिया, बोर्ड ऑफ अप्रेंसिटशिप ट्रेनिंग-वेस्टर्न रीजन के निदेशक-प्रशिक्षण डॉ. पीएन जुमले उपस्थित रहेंगे। प्रदेश के 85 महाविद्यालयों एवं 8 विश्वविद्यालयों के प्राचार्य तथा नोडल प्राध्यापक भी कार्यक्रम में उपस्थित होंगे।