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भोपाल में टैंकर ने छीनी ‘खुशी’, मां पुकारती रही खामोश हुई बेटी

MP News: रात करीब दो बजे अनियंत्रित होकर झुग्गियों में घुसा एलपीजी टैंकर, घर में सो रही आठ साल की बच्ची की मौत, दो छोटे भाई और पिता घायल।

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bhopal

bhopal lpg tanker crash kills 8 year old girl slum accident

सुमित यादव

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की सड़कों पर रात होते ही तेज रफ्तार में दौड़ते भारी वाहन अब तक कई लोगों की जिंदगियां छीन चुके हैं। शनिवार रात भी एक अनियंत्रित तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर ने एक मां से उसकी खुशी हमेशा के लिए छीन ली। घटना भानपुर रोड पर बापू माल देव गोल चक्कर के पास की है। जहां बीती रात हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। रोड किनारे बनी झुग्गियों में जब लोग चैन की नींद सो रहे थे तभी रात करीब 2 बजे टैंकर मौत बनकर आया और तीन झोपड़ियों को रौंदते हुए उनमें सो रहे परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया।

टैंकर ने मां से छीनी 'खुशी'

करोंद की ओर से आ रहा एक एलपीजी गैस से भरा हुआ टैंकर रात करीब 2 बजे बापू माल देव गोल चक्कर के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। तेज रफ्तार में वह सड़क से उतरकर सीधे झुग्गियों में जा घुसा और तीन झोपड़ियों को रौंद दिया। इस दौरान सो रहे परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में आठ साल की मासूम खुशी की मौत हो गई, जबकि उसके दोनों छोटे भाई सहित पिता घायल हो गए। सूचना पर पहुंची छोला मंदिर पुलिस ने घायलों को हमीदिया अस्पताल भेजा। वहीं केस दर्ज कर टैंकर को कब्जे में लेकर जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

शरीर का आधा भाग कुचला

घटना को देखने वाली नैना ने बताया कि टैंकर का पहिया आठ साल की खुशी के ऊपर चढ़ गया था। उसका शरीर बुरी तरह कुचल गया था। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई थी। तभी आस पास के लोगों की मदद से किसी तरह से परिवार सभी सदस्यों को बाहर निकाला गया। टैंकर के नीचे फंसे पिता मोनू, मां मनीषा और दोनों भाई पांच वर्षीय आयुष और सात वर्षीय पीयूष को घायल हालत में बाहर लाया गया। छोटा भाई आयुष भी टैंकर की चपेट में आ गया, जिससे उसका दाहिना पैर टूट गया। वहीं सात वर्षीय पीयूष और पिता को भी चोटें आईं।

पहिए के नीचे दबी रही 'खुशी'

बेटी का खोने का विलाप करते हुए मां मनीषा ने बताया कि बेटी करीब आधे से एक घंटे तक पहिए के नीचे दबी रहीं। उसका शरीर कुछ समय तक हिलता रहा, लेकिन धीरे-धीरे वह शांत हो गई। आसपास के लोग उसे निकालने की कोशिश करते रहे और मौके पर पहुंची पुलिस की टीम की मदद से बाहर निकाला गया। मां मनीषा सदमे में है। वह बार-बार यही कह रही है कि मेरी रानी बिटिया मुझे छोड़कर चली गई। उसने बताया कि हादसे से पहले खुशी ने अपनी पसंद का खाना खाया था और अपने भाइयों के साथ सोई थी।

पिता का आरोप- देर से आई एंबुलेंस

घायल पिता मोनू का आरोप है कि हादसे के बाद एंबुलेंस को तत्काल सूचना दे दी गई थी, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस के पहुंचने के बाद आधे घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाल पाया। फिर भी एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई तो पुलिस की मदद से बेटी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

25 परिवार सालों से झुग्गी में रह रहें…

झुग्गियों में रहने वाली सुनीला ने बताया कि सड़क के बने झुग्गी में सालों से रहते हैं। यहां सड़क किनारे करीब 25 परिवार झुग्गी बनाकर रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त झुग्गियों में करीब आधे लोग लोग सो रहे थे। किसी कार्यक्रम में जाने की वजह से आधी झुग्गी खाली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क से टैंकर आ रहा था, वहां न तो ठीक से फुटपाथ बने हैं और न ही किनारों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। रात के समय अंधेरा भी रहता है। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

जांच जुटी पुलिस

थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और टैंकर को जब्त कर लिया गया है। चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। टैंक पूरी एलपीजी गैस से फुल थी। हादसे के बाद चालक फरार हो गया था। उसकी तलाश में टीमें लगा दी गई है।