19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में 259.91 किमी लंबी कटनी-बीना तीसरी रेल लाइन का काम पूरा, ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार

MP News: वर्ष 2016-17 में स्वीकृत 259.91 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग चार हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है।

2 min read
Google source verification
Katni-Bina Third Railway Line

Katni-Bina Third Railway Line

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से होकर गुजरने वाली ट्रेनें अब लेट नहीं होंगी और उन्हें नई रफ्तार मिलेगी। दरअसल कटनी-बीना सेक्शन पर तीसरी लाइन परियोजना का कार्य बांदकपुर से घटेरा रेलखंड पर संपन्न होते ही पूरी लाइन का काम पूरा हो गया है। इस तीसरी रेल लाइन का काम पूरा होने से अब ट्रेनों का संचालन और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और ट्रेनें लेट नहीं होंगी। तीसरी रेल लाइन बनने से बीना जंक्शन को भी बड़ा लाभ मिला है और यहां पर ट्रेनों की आवाजाही आसान हुई है।

251.91 किमी लंबी तीसरी रेल लाइन तैयार

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-17 में स्वीकृत 259.91 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग चार हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। परियोजना के तहत 12 महत्वपूर्ण, 26 बड़े और 311 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है तथा 32 रेलवे स्टेशन इससे लाभान्वित हुए हैं। रेलवे के प्रयास, तकनीकी दक्षता और सतत मॉनिटरिंग के कारण यह परियोजना पूरी हो सकी। तीसरी लाइन के संचालन से बीना जंक्शन की महत्वता और बढ़ गई है, जो क्षेत्रीय विकास और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

बीना जंक्शन की बढ़ी ताकत

परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बीना जंक्शन को मिला है, जो मध्यभारत का प्रमुख रेलवे का केंद्र है। यहां से बीना-झांसी, बीना-गुना, बीना-भोपाल और बीना-कटनी मार्ग पर ट्रेनें जाती हैं। नई तीसरी लाइन से बीना की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के बीच यातायात अधिक सुगम व तेज हो सकेगा। कटनी और बीना जैसे बहु-मार्गीय जंक्शनों के बीच अतिरिक्त ट्रैक जुड़ने से राष्ट्रीय रेल नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि हुई है।

कोयला परिवहन में आएगी तेजी

कटनी-बीना लाइन देश के व्यस्ततम कोयला परिवहन मार्गों में शामिल है। तीसरी लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों की गति बढ़ेगी, लाइन क्लीयरेंस की समस्या कम होगी और ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की समय से आपूर्ति हो सकेगी, इससे ऊर्जा उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

इस परियोजना से सागर, दमोह और कटनी जिलों के साथ बीना क्षेत्र के औद्योगिक एवं व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी। निवेश को प्रोत्साहन, स्थानीय रोजगार में वृद्धि तथा कृषि को बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा।

फैक्ट फाइल

  • 259.91 किलोमीटर तीसरी रेल लाइन की लंबाई।
  • 2016-2017 में मिली थी परियोजना को मंजूरी।
  • लगभग 4 हजार करोड़ की लागत से तीसरी रेल लाइन का काम पूरा हुआ।
  • परियोजना के तहत 12 महत्वपूर्ण, 26 बड़े और 311 छोटे पुलों का निर्माण किया गया।
  • बीना सहित 32 रेलवे स्टेशनों को होगा फायदा।