
MP News : केंद्र सरकार की ओर से हालही में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की दो प्रमुख मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। हालांकि, दो अलग अलग रूटों की इसपरियोजना में कुल 4,254 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें 288 किलोमीटर रेल लाइनें बिछाई जाएगी। हालांकि, इसमें एक 2975 करोड़ की लागत से कटनी-पेंड्रा रोड पर 201 किमी लंबी चौथी लाइन का मुख्य विस्तार किया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश के बड़े इलाके के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और उससे आगे जाने वाली रेल यात्रा में मजबूती आएगी।
हालही में केंद्र सरकार की ओर से दी गई इस सौगात के बाद मंगलवार को शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने इसपर खुशी व्यक्त की है। सांसद हिमाद्री सिंह रेल मंत्री अश्विनी वेष्णव द्वारा उन्हें भेजे गए पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि, 'दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत कटनी–पेंड्रा रोड के मध्य चौथी रेल लाइन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद।' आपको बता दें कि, दोनों परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2029-30 तक की समय-सीमा तय की गई है।
आपको बता दें कि, केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई इस रेल परियोजना के तहत 201 किलोमीटर लंबी कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन के निर्माण पर लगभग 2,975 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस लाइन के बिछाए जाने के बाद मध्य प्रदेश के कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर से लेकर अमरकंटक तक यात्रियों की रेल यात्रा सुलभ होगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ समेत आगे आवाजाही वाले राज्यों से भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही 87 किलोमीटर लंबी बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन का निर्माण 1,279 करोड़ रुपए की लागत से होगा।
इन नई रेल लाइनों के अस्तित्व में आने से मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिलों से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग तक रेल आवागमन अत्यधिक सुगम हो जाएगा। रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने से गाड़ियों की लेट-लैटिफाली में भी सुधार होगा। साथ ही, नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ होगा। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई में गति आने से दोनों राज्यों के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
नई रेल विस्तार का सीधा फायदा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को भी मिलेगा। इनमें खासकर एमपी के प्रमुख पर्यटन केंद्र जैसे- बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और धार्मिक स्थल अमरकंटक के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व तथा खुटाघाट जलाशय तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। पर्यटन की रफ्तार बढ़ने का बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा देगा।