
Minister Prahlad Patel: केंद्र सरकार ने लेबर कोड्स 2025 में वेतन की नई परिभाषा तय की है। इसे सरकार का श्रम कानूनों के सरलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। बीजेपी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत लेबर कोड्स 2025 को केंद्र सरकार की अहम उपलब्धि निरूपित किया। वेतन संहिता 2019 का जिक्र करते हुए वेतन संबंधी लाभ का जिक्र किया गया है । प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी इसे श्रमिकों के हित में बताया है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया में लेबर कोड्स 2025 की प्रशंसा की।
भारत सरकार ने वेतन, मजदूरी और बोनस से जुड़े 4 पुराने कानूनों को मिलाकर वेतन संहिता 2019 का नया रूप दिया था। यह एक महत्वपूर्ण श्रम कानून है जिसमें वेतन भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 को समाहित किया गया है।
वेतन संहिता 2019 में देश के सभी कर्मचारियों, श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही वेतन का समय पर भुगतान और कार्य समय भी निर्धारित किया। वेतन संहिता 2019 में मासिक वेतन अगले महीने के 7 दिनों में देने की अनिवार्यता है। काम के घंटे अधिकतम 48 घंटे प्रति सप्ताह और 12 घंटे प्रति दिन तय किए गए हैं। ओवरटाइम के रूप में दोगुनी राशि का प्रावधान है।
खास बात यह है कि वेतन संहिता 2019 में वेतन को नए तरीके से परिभाषित किया गया है। इसमें कुल CTC (कॉस्ट टू कंपनी) का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ते (DA) के रूप में करना अनिवार्य किया गया है।
बीजेपी ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लेबर कोड्स 2025 की विशेषताएं बताईं। इसमें कहा गया कि सुधारों से विश्वास, विश्वास से निवेश और निवेश से रोजगार… यही है विकसित भारत की दिशा! बीजेपी ने वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्त संहिता 2020 के लाभ दर्शाए।
मध्यप्रदेश के पंचायत, ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बीजेपी की पोस्ट को रिट्वीट किया। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा:
लेबर कोड्स 2025: सरल नियम, सशक्त श्रमिक, आसान कारोबार और रोजगार को रफ्तार!
श्रमेव जयते