MP News: शिक्षा विभाग में डीएड(डिप्लोमा इन एजुकेशन) के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर 15-15 साल से नौकरी कर रहे शिक्षक, एक शिकायत के बाद सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा...
MP News: शिक्षा विभाग में डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले करीब 100 से ज्यादा शिक्षक एसटीएफ के हत्थे चढ़े हैं। महीनों की जांच के बाद एसटीएफ ने इंदौर, मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी के 34 फर्जी शिक्षकों को चिह्नित किया। इनमें से 8 को नामजद किया है। 26 संदेही हैं।
शिक्षक गंधर्व सिंह रावत, साहब सिंह कुशवाह, बृजेश रोरिया, महेन्द्र सिंह रावत, लोकेन्द्र सिंह, रूबी कुशवाह, रविन्द्र सिंह राणा और अर्जुन सिंह चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह शिक्षक चार जिले इंदौर, मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी में अभी पदस्थ हैं।
एसटीएफ की 5 सदस्यीय टीम ने पूरे फर्जीवाड़े की पड़ताल कर रही है। खास यह है कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने डिग्री बिल्कुल असली जैसी बनाई। हूबहू माध्यमिक शिक्षा मंडल से जारी मार्कशीट की तरह फर्जी अंकसूची बनाई। मंडल के तत्कालीन सचिव के भी हूबहू हस्ताक्षर किए। एसटीएफ को आशंका है कि यह फर्जीवाड़ा किसी संगठित गिरोह के बिना मुश्किल है। जांच में इस फर्जीवाड़े में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। टीम उनका पता लगा रही है।
हैरानी यह है कि कई शिक्षक 15-15 साल से फर्जी डिग्री के दम पर सरकारी नौकरी कर रहे हैं। एसटीएफ के एक अफसर ने बताया, इसमें 5 से 15 साल तक शिक्षक नौकरी कर चुके है। लेकिन अभी तक उनके फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं हुआ था। एक गोपनीय शिकायत के बादजांच की गई तो फर्जीवाड़े की पोल खुली है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल से जारी असली डिग्री जैसी ही फर्जी डिग्री
फर्जी डिग्री पर भी माशिमं के सचिव के हस्ताक्षर
जब सत्यापन रिपोर्ट में माशिमं ने कहा-यह डीएड की डिग्री जारी नहीं की तो गैंग ने बीच में ही बदल दी रिपोर्ट
गैंग की धरपकड़ के लिए ऑपरपेशन चल रहा है। अधिकांश जिलों में 100 से ज्यादा शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। 34 पर कार्रवाई की है। इनमें 8 लोगों को नामजद किया है। 26 संदेहियों की जांच की जा रही है। फर्जीवाड़े में विभाग के कई की जांच चल रही है।
-राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ