
MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विघायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया है। जस्टिस जी.एस.अहलूवालिया के फैसला भाजपा के पूर्व विधायक रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया है। कोर्ट ने माना है कि अदालत ने माना कि प्रत्याशी ने नामांकन के दौरान शपथपत्र में आपराधिक मामलों की सही जानकारी छिपाई और गलत घोषणा की। इसके चलते उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया। कोर्ट ने साथ ही चुनाव याचिकाकर्ता और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि आज भाजपा ने कांग्रेस के एक आदिवासी विधायक मुकेश मल्होत्रा को पदमुक्त करवा दिया और हारे हुए प्रत्याशी को वापस विधायक घोषित करवा लिया। यह भारतीय जनता पार्टी के अंत की शुरुआत है। भाजपा को यह कभी स्वीकार नहीं होगा कि एक आदिवासी व्यक्ति सामान्य सीट से विधायक कैसे बन गया। भाजपा सदन में आदिवासी नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी से उनकी औकात पूछती है और चुने हुए आदिवासी विधायकों का चुनाव साम, दाम, दंड, भेद लगाकर शून्य करवाती है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी दलित और आदिवासी विरोधी है। हमें माननीय सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कानूनी तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएंगे।
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि विजयपुर सीट से कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द और रावत को विजय घोषित करने (ग्वालियर हाई कोर्ट) के फैसले को शीघ्र सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला ले लिया गया है। कांग्रेस पार्टी एवं विधायक मुकेश मल्होत्रा इस फैसले को त्रुटिपूर्ण मानती हैं।
मप्र कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने patrika.com को बताया कि कांग्रेस पार्टी मुकेश मल्होत्रा जी के साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रूख करेगी और न्याय के लिए गुहार लगाएगी।
पूर्व विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि नामांकन पत्र के साथ लगने वाले शपथ पत्र में मुकेश मल्होत्रा ने आपराधिक जानकारी छुपाई थी। जिसके खिलाफ हमने याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
इधर, मुकेश मल्होत्रा के वकील प्रतीप बिसोरिया का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के द्वारा लगाई गई याचिका में दो मामलों के जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया है। जिसमें एक निपटारा पहले हो चुका था। रही दूसरे के बात तो कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जानकारी छुपाने वाले दोनों मामलों में चुनाव रद्द किया गया है। हमारे द्वारा एक एप्लीकेशन फाइल की गई है। इस मामले पर 15 का समय मिलना चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट का रूख करेंगे।
Updated on:
09 Mar 2026 07:14 pm
Published on:
09 Mar 2026 05:25 pm
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