
Teacher Eligibility Test (Photo Source - Patrika)
Teacher Eligibility Test:मध्य प्रदेश के स्कूलों के 20 हजार शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देनी होगी। इसमें फेल हुए तो नौकरी से बाहर होंगे। ये वे शिक्षक हैं, जो 25 से 30 साल से पढ़ा रहे हैं। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते हो रहा है। प्रदेश में 3.5 लाख शिक्षक हैं, जो 94 हजार सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं।
अब इस मामले में शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया है। मप्र शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल के मुताबिक, नए शिक्षकों के लिए नियम सही है, लेकिन जो रिटायरमेंट के करीब है, उन्हें इसमें छूट मिले। इसमें अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के लिए बता दें 1.50 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। बीते दिनों स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति RTE 2009 लागू होने से पहले हुई थी। उन्हें आगे नौकरी करने के लिए (Teacher Eligibility Test) पास करना जरूरी होगा। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की ओर से सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में 5 साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है। उन्हें टीईटी परीक्षा देनी होगी।
विभागीय जानकारी अनुसार, यह परीक्षा जुलाई-अगस्त 2026 में आयोजित की जा सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की तरफ से निर्देश दिया गए हैं कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को सूचना दें। ताकि वह टीईटी परीक्षा दे सकें।
Published on:
09 Mar 2026 01:17 pm
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