
children underweight (Photo Source: AI Image)
MP News: मध्य प्रदेश में बच्चों में कुपोषण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वर्तमान में 33 प्रतिशत बच्चे कम वजन वाले हैं। वहीं 35.7 प्रतिशत बच्चे ठिगनापन और 19 प्रतिशत बच्चे दुबलापन की श्रेणी में हैं। विधानसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने लिखित जवाब में यह स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह आंकड़े राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के हैं। यानी हो सकता है अब इसमें इजाफा भी हो गया हो।
इसके बावजूद सरकार कुपोषित बच्चों के पोषण आहार के लिए दी जाने वाली राशि बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। मंत्री ने बताया कि सामान्य पोषण स्तर श्रेणी के बच्चों को पूरक पोषण आहार के लिए 8 रुपए प्रति दिन प्रति हितग्राही और अति गंभीर कुपोषितों के लिए 12 रुपए हैं। पिछले आठ साल से इसमें कोई बढोतरी नहीं की गई है।
विधानसभा में विपक्ष ने उठाए कई सवाल विधानसभा में विधायक अजय सिंह और हेमंत कटारे ने पोषण आहार की राशि और कुपोषण के संबंध में प्रश्न पूछे थे। इनके लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एनएफएचएस-4 की तुलना में ठिगनापन में 16%, कमवजन में 23% तथा दुबलेपन में 26% सुधार हुआ है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत संचालित योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। हालांकि मंत्री ने पूरक पोषण आहार के बारे में जानकारी दी कि पूरक पोषण आहार की दर का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017 में पूरक पोषण आहार की दर में वृद्धि की गई थी। राज्य सरकार के स्तर पर पूरक पोषण आहार की राशि वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
Updated on:
09 Mar 2026 11:33 am
Published on:
09 Mar 2026 11:32 am
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