
CheetahJwalaGaveBirthto5cubsinKunoNationalpark(photo:patrika)
Cheetah Jwala Gave Birth 5 Cubs: कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ज्वाला ने 5 शावकों को जन्म दिया है। कूनो में अब चीतों की संख्या 50 पार पहुंच चुकी है। गांधी सागर समेत देश में अब चीतों की संख्या 53 हो गई है। बता दें कि ज्वाला के 5 शावकों समेत अब कूनो में कुल भारतीय चीते 33 हो गए हैं। शावकों के जन्म की जानकारी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी ट्वीट किया है।
बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ज्वाला तीसरी बार मां बनी है। इससे पहले ज्वाला ने 2023 में 4 शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से तीन की मौत हो गई थी और अकेली मादा चीता शावक जिंदा रही, जिसका पालन-पोषण चीता प्रोजेक्ट की मेडिकल टीम ने किया। इसके बाद जनवरी 2024 में 3 शावकों को जन्म देने के बाद आज 9 मार्च 2026 को वह तीसरी बार मां बनी है। इस बार ज्वाला ने 5 शावकों को जन्म दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ज्वाला और उसके पांचों नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। विशेषज्ञों की टीम इन पर कड़ी नजर रखे हुए है। सीसीटीवी और मैदानी निगरानी के माध्यम से शावकों की सुरक्षा की जा रही है और उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।
कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता के शावकों का भारतीय धरती पर जन्म की ये कहानी पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले चीता गामिनी, चीता आशा ने भी इसी साल शावकों को जन्म दिया। भारतीय धरती पर शावकों का जन्म दर्शाता है कि कूनो नेशनल पार्क की वाइल्डलाइफ और जैव विविधता चीतों के अनुकूल और मुफीद साबित हो रही है। भारतीय धरती चीतों के पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक पहल सफलता की कहानी शुरू कर चुकी है।
-7 फरवरी- आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया
-18 फरवरी- गामिनी बनी मां, 3 शावकों को दिया था जन्म
-नवंबर 2025 में पहली भारतीय चीता मुखी मां बनी थी, 20 नवंबर को चीता मुखी ने 5 शावकों को जन्म देकर इतिहास रच दिया था।
-फरवरी 2025 में चीता वीरा ने दिया था 2 शावकों को जन्म
-20 जनवरी 2024 को ज्वाला ने दिया था 4 शावकों को जन्म
-3 जनवरी 2024 को चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया था, यह भारत की जमीं पर दूसरी बार चीतों का प्रजनन था।
इससे पहले भारत की धरती पर 70 साल बाद चीतों की पुनर्स्थापना के बाद पहली बार चीता ज्वाला ने 29 मार्च 2023 को पहली बार 4 शावकों को जन्म दिया था। लेकिन 3 शावकों की मौत हो गई थी। एक मादा शावक बची थी, जिसे प्रोजेक्ट चीता की मेडिकल टीम ने मुखी नाम दिया था। मुखी प्रोजेक्ट चीता की मेडिकल टीम और एमपी की वाइल्डलाइफ के डॉक्टर जितेंद्र की सबसे फेवरेट चीता है।
आप भी सुनें पहली भारतीय चीता मुखी के संघर्षों की कहानी वाइल्डलाइफ हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जितेन्द्र कुमार जाटव की जुबानी
Updated on:
09 Mar 2026 02:44 pm
Published on:
09 Mar 2026 01:55 pm
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