MP News: मोहगांव की जुगती बाई को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉ. लिल्हारे ने बताया, गर्भाशय निकालकर ही सर्जरी संभव थी। इसमें ज्यादा खून बहने का खतरा था।
MP News: 35 की उम्र में एक महिला 10वीं बार मां बनी। उसकी बड़ी बेटी 22 साल की है और शादी हो चुकी है। पहली बार वह 13 की उम्र में मां बनी थी। बालाघाट की आदिवासी महिला की अति गंभीर हालत में डॉक्टरों ने सीजेरियन प्रसव कराया। महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन का कहना है, 30 साल में उन्होंने पहली बार किसी महिला को 10वीं बार मां बनते देखा है।
डॉ. अर्चना लिल्हारे ने बताया, महिला बैगा जनजाति से है। 2001 की जनगणना के अनुसार मप्र और छत्तीसगढ़ में 7.85 लाख बैगा बचे हैं। सरकार उन्हें संरक्षित करती है। इसलिए नसबंदी नहीं की। इस समुदाय की महिला-पुरुष की नसबंदी तब होती है, जब खुद आग्रह करें। लिखित आवेदन दे और कलेक्टर की सहमति हो।
Indian Railway: वेटिंग टिकट पर यात्रा बंद, पकड़े गए तो… ट्रेन से उतार देगा टीटीई
मोहगांव की जुगती बाई पति अकलु सिंह मरावी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार-मंगलवार की रात बिरसा अस्पताल में भर्ती कराया। डॉ. लिल्हारे ने बताया, गर्भाशय निकालकर ही सर्जरी संभव थी। इसमें ज्यादा खून बहने का खतरा था। मां-बच्चे को नुकसान हो सकता था, लेकिन गर्भाशय निकाले बिना ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला की 22 साल की बेटी, 13 व 9 साल का बेटा, 8 साल की बेटी, 6 साल व 3 साल के बेटे हैं। दूसरे, 7वें और 8वें बेटे की मौत हो चुकी है।