MP Politics: मध्यप्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग पर पलटवार किया है।
MP Politics: मध्यप्रदेश की सियासत में किसान कर्जमाफी को लेकर सरगर्मियां तब तेज हो गईं, जब सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को कमलनाथ सरकार की किसान कर्जमाफी को जिम्मेदार बताया दिया। उसके बाद कमलनाथ ने निशाना साधते हुए कहा कि बेहतर होगा झूठ और फरेब से प्रदेश की जनता को भ्रमित करने के बजाए भाजपा किसानों से किए गए वे वादे निभाए जो उसने चुनाव के समय किए थे।
मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को भोपाल में सहकारी बैंकों की खराब आर्थिक स्थिति पर जवाब दिया था कि यह बात सही है कि हमारे कुछ बैंक खराब स्थिति में हैं। विगत दो वर्षों में हमने बैंकों की स्थिति बहुत अच्छी करने की कोशिश की। और मैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को बहुत धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने पिछले साल हमें 300 करोड़ रुपए सरकार की ओर से दिए। उस 300 करोड़ की जो राशि मिली उससे हमने 6 बैंकों को 50-50 करोड़ रुपए सहायता राशि दी।
आगे सारंग ने कहा था कि हमने उन 6 बैंकों को अकेले राशि नहीं दी बल्कि संपूर्ण संचालन की व्यवस्था बनाई। एक साल में हमारे जो मापदंड थे वो पूरे लागू हुए। ये जो बैंक खराब स्थिति में आए ये पॉलिटिकल विषय नहीं हैं लेकिन कहते हुए मुझे कोई संकोच नहीं हैं कि 15 महीने की कांग्रेस सरकार ने किसानों के ऋण माफी की फर्जी योजना लागू की, उसका सीधा प्रभाव हमारी पैक्स और बैंक पर डाला। उसके कारण हमारी व्यवस्थाएं खराब हुई हैं। लेकिन ये डॉक्टर मोहन यादव की सरकार है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अगले दो वर्षों में हम संपूर्ण बैंकों को सुचारू कर देंगे।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कर्जमाफी के सबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए। साथ ही उन्होंने लिखा कि किसानों के साथ रात-दिन धोखा करने वाली भाजपा सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने मेरी सरकार के दौरान हुई किसान कर्ज़ माफी को लेकर सरासर झूठ बोला है। इस झूठ के लिए उन्हें मध्य प्रदेश की जनता और किसान भाइयों से माफी मांगनी चाहिए।
आगे कमलनाथ ने लिखा कि सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री की शपथ लेते ही मैंने सबसे पहला काम किसानों की कर्ज माफी का किया था। कांग्रेस सरकार ने दो चरणों में 26, 95, 381 (लगभग 27 लाख) किसानों का 11, 646.96 करोड़ रुपया का कर्ज़ माफ़ किया गया। किस ज़िले में कितने किसानों का कितना कर्ज माफ किया गया, इसकी सूची संलग्न है।
पूर्व सीएम ने लिखा कि अगर भारतीय जनता पार्टी छलपूर्वक कांग्रेस की सरकार गिराकर अपनी सरकार नहीं बनाती तो प्रदेश के बाक़ी किसानों का कर्ज़ भी माफ़ कर दिया जाता। बेहतर होगा झूठ और फ़रेब से प्रदेश की जनता को भ्रमित करने के बजाए भाजपा किसानों से किए गए वे वादे निभाए जो उसने चुनाव के समय किए थे। गेहूं और धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का जो वादा भाजपा ने किया था, उसे आज तक पूरा नहीं किया है। प्रदेश के किसानों की आमदनी घटती जा रही है। रबी हो या ख़रीफ़ दोनों सीज़न में प्रदेश का किसान खाद के लिए बुरी तरह परेशान है।
'बेहतर होगा कि झूठे दावे करने की बजाय भाजपा सरकार किसानों के कल्याण पर ध्यान दे और अगर वाक़ई कर्ज़ माफ़ी के प्रति उसकी कोई संवेदनशीलता है तो प्रदेश के सभी किसानों का कर्ज़ तत्काल माफ़ करे।'