MP News: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार कैबिनेट के द्वारा मंगलवार को बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण में 12 मार्च 2024 को प्रकाशित मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी निर्देश में बदलाव को मंजूरी दी है। इसमें यह फैसला लिया गया है कि प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का अध्यक्ष प्रशासनिक अनुभव और योग्यता रखने वाला ही होगा।
सरकार ने तय किया है कि प्रमुख सचिव के समकक्ष वेतनमान और महंगाई भत्ते और अन्य भत्ते का भुगतान किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष पर राज्य सरकार के रिटायर्ड अधिकारी नियुक्त होने की स्थिति में उन्हें सेवानिवृत्ति के समय देय मूल वेतन एवं मंहगाई भत्ते से सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन घटाई जाकर शेष राशि वेतन, मानदेय के रूप में दी जाएगी।
राज्य पुनगर्ठन आयोग में सचिव, प्रशासनिक अधिकारी का एक पद होगा। सचिव, अपर सचिव स्तर से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को आयोग का सचिव, प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। सचिव या प्रशासनिक अधिकारी को राज्य सरकार के सेवानिवृत्ति के समय देय वेतनमान और उस पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ता देय होंगे।
कैबिनेट के द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत बजट योजना खनिज अन्वेषण एवं विकास के लिए भवन निर्माण का लगातार चलते रहने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत संचालनालय के नवीन भवन निर्माण कार्य पर 34 करोड़ 2 लाख रुपए का खर्च संभावित है। वित्तीय व्यय समिति द्वारा विभागीय प्रस्ताव अनुसार 34 करोड़ 2 लाख रुपये के खर्च का अनुमोदन प्रदान किया गया। नए भवन के निर्माण से डीएमएफ मॉनिटरिंग यूनिट, आईटी शाखा, स्टेट कमाण्ड सेंटर समेत अन्य कार्य सुचारू रूप से चलेंगे।
सीएम डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि समर्थन मूल्य के अलावा राज्य सरकार उड़द के उत्पादन पर 600 रुपए क्विंटल बोनस भी देगी। यह घोषणा भी है और योजना भी है। बड़े पैमाने पर उड़द के रकबे को बढ़ावा मिलेगा। तीन लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ना संभावित है. पांच लाख हेक्टेयर उड़द का उत्पादन संभावित कर रहे हैं। अभी समर्थन मूल्य 7800 रुपए प्रति क्विंटल है जो 600 रुपए बढ़ाकर मिलेगा। यह किसानों के लिए बड़ा फैसला है।
आगे सीएम ने कहा कि किसानों के लिए 1500 करोड़ रूपये की भावांतर योजना सोयाबीन के लिए लागू करने के बाद अब सरसों की खरीदी के लिए भी भावान्तर योजना लागू करने का फैसला किया है।
कैबिनेट के द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत जिला माइनिंग फंड को निरंतर रखने की स्वीकृति दी गई है। ये योजना खनिज साधन विभाग के अंतर्गत पहले से संचालित है। इसे जिला खनिज प्रतिष्ठान के अंतर्गत प्राप्त राशि राज्य की संचित निधि में जमा करने के दौरान बजट प्रावधान के अंतर्गत पुनः जिले को अंतरित कर दी जाती है। इस राशि का उपयोग राज्य शासन के मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 में खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रावधानित विकास कार्यों के किया जाता है।